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बुंदेलखंड के सरकारी स्कूलों में घटे 37 हजार बच्चे

Mon, 20 Aug 2018 11:45 PM IST
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:45 PM IST
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बुंदेलखंड के सरकारी स्कूलों में घटे 37 हजार बच्चे
बांदा। बेसिक शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बुंदेलखंड में स्कूल चलो अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। इसका उदाहरण इस वर्ष पिछले साल से 37 हजार कम बच्चों का दाखिल होना है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत अप्रैल से अगस्त तक परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। शहर से गांवों तक जागरूकता रैली, संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी बुंदेलखंड के स्कूलों में बच्चों की नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया गया।
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अप्रैल से अब तक लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। पिछले वर्ष बुंदेलखंड के छह जिलों में प्राथमिक विद्यालयों में 6 लाख 519 बच्चों के नामांकन हुए थे, लेकिन इस वर्ष यह संख्या 5 लाख 69 हजार 653 ही है, यानी 30,866 बच्चों के नामांकन कम हुए। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पिछले वर्ष 1 लाख 64,194 बच्चों के नामांकन हुए थे, जबकि इस वर्ष 1,58,022 बच्चों के नामांकन हुए हैं, यानी 6,172 नामांकन कम हुए।
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बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे पत्र में इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि विद्यालयों में छात्र नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए विद्यालयवार व विकास खंड स्तर पर समीक्षा की जाए। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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