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जिले के 13 पशु अस्पताल दो फार्मासिस्टों के भरोसे
Tue, 16 Apr 2019 11:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:17 PM IST
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cow
जिले के 13 पशु अस्पतालों में डाक्टरों, फार्मासिस्टों व कर्मचारियों की कमी से पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा। ग्रामीण पशुओं के इलाज के लिए जब अस्पतालों में पहुंचते है तो डाक्टर व फार्मासिस्ट न मिलने के कारण अपने जानवर मजबूरी में घर ले जाना पड़ता हैं। 13 पशु अस्पतालों में मात्र 2 फार्मासिस्ट होने के कारण डाक्टरों को पशुओं के इलाज के लिए जूझना पड़ता है।
जिले में पशु विभाग से संचालित 13 अस्पताल खुले हैं जिसमें इस समय 9 डॉक्टर हैं। जब कि 13 होना चाहिए। पशु सेवा केंद्र 17 में ं पशुधन प्रसार अधिकारी मात्र सात ही हैं। 52 कर्मचारियों में मात्र 18 ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जिससे पशु विभाग के कार्यों में गति नहीं आ पा रही है। पशु विभाग में पशुओं के इलाज, गर्भाधान से लेकर पशुओं के टीकाकरण का कार्य तो होता ही है।
साथ ही बकरी पालन, भेड़ पालन आदि योजनाओं के लिए भी कार्य करना पड़ता है। जिसमें पशुओं के इलाज में मुख्य भूमिका फार्मासिस्टों की होती हैं लेकिन मात्र दो ही फार्मासिस्ट होने के कारण डाक्ट्ररों को समस्या से जूझना पड़ता हैं।
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मुख्य पशु अधिकारी डा.सुधीर सिंह ने बताया कि सबसे अधिक समस्या फार्मासिस्टों की है। 13 में मात्र 2 ही फार्मासिस्ट हैं। जिसमें तैनात दो भौंरी व मऊ में तैनात हैं। मुख्य पशु चिकित्सालय में एक भी फार्मासिस्ट नहीं हैं।
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जिले में पशु विभाग से संचालित 13 अस्पताल खुले हैं जिसमें इस समय 9 डॉक्टर हैं। जब कि 13 होना चाहिए। पशु सेवा केंद्र 17 में ं पशुधन प्रसार अधिकारी मात्र सात ही हैं। 52 कर्मचारियों में मात्र 18 ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जिससे पशु विभाग के कार्यों में गति नहीं आ पा रही है। पशु विभाग में पशुओं के इलाज, गर्भाधान से लेकर पशुओं के टीकाकरण का कार्य तो होता ही है।
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साथ ही बकरी पालन, भेड़ पालन आदि योजनाओं के लिए भी कार्य करना पड़ता है। जिसमें पशुओं के इलाज में मुख्य भूमिका फार्मासिस्टों की होती हैं लेकिन मात्र दो ही फार्मासिस्ट होने के कारण डाक्ट्ररों को समस्या से जूझना पड़ता हैं।
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मुख्य पशु अधिकारी डा.सुधीर सिंह ने बताया कि सबसे अधिक समस्या फार्मासिस्टों की है। 13 में मात्र 2 ही फार्मासिस्ट हैं। जिसमें तैनात दो भौंरी व मऊ में तैनात हैं। मुख्य पशु चिकित्सालय में एक भी फार्मासिस्ट नहीं हैं।