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तीर्थ यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त, दो महिलाओं की मौत
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बदौसा (बांदा)। जम्मू कश्मीर से कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे तीर्थ यात्रियों से भरी बस नेशनल हाईवे पर पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दो महिला यात्रियों की मौत हो गई। लगभग एक दर्जन अन्य घायल हो गए। दोनों मृत महिलाएं जम्मू में आंगनबाड़ी पद पर कार्यरत थीं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना सोमवार को सुबह करीब 6 बजे की है। जम्मू के कठुआ जनपद से 14 फरवरी को प्रयागराज के लिए रवाना हुए निजी बस में लगभग 55 तीर्थ यात्री थी। यह सुबह गिरवां थाना क्षेत्र के महुआ गांव के पास झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे में ढाबे के पास चालक स्टेयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा और बस बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे महुआ के पेड़ से तेज रफ्तार हालत में जा टकराई। नाले और चबूतरे में फंस गई। बस में सवार ऊषा देवी (45) पत्नी नानकचंद्र और सुषमा देवी (65) पत्नी विजय कुमार की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। यह दोनों कठुआ जनपद में आंगनबाड़ी पद पर कार्यरत थीं। इनके अलावा ऊषा देवी का पुत्र राहुल (23), मंगतराम (65) पुत्र नंदलाल (बमियाल, पंजाब) और उसकी पत्नी निर्मला देवी (60), पुष्पा (60) पत्नी देशराज, सुनील (26) पुत्र धर्मपाल, पुष्पा देवी (45) पत्नी सोमराज (रडोर, पंजाब) को गंभीर चोटें आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके अतिरिक्त रानी (40), पुष्पा (35), गुलशन (38), पप्पू (40) तथा लगभग एक दर्जन अन्य यात्रियों का अस्पताल में उपचार किया गया।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल और शवों को मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीर्थ यात्री शिवमोहन व मंगतराम ने बताया कि तीर्थ यात्री दो बसों पर रवाना हुए थे। उधर, घायल तीर्थ यात्रियों को बदौसा थानाध्यक्ष आलोक सिंह व स्टाफ ने भोजन आदि की व्यवस्था कराई।
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कुंभ में स्नान की इच्छा लेकर लगभग एक हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुके जम्मू के तीर्थ यात्री प्रयागराज की सीमा पर पहुंचने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए। कुंभ स्नान की आस अधूरी रह गई। घायल तीर्थ यात्री मंगतराम व नानकचंद्र ने बताया कि प्राइवेट टूरिस्ट बस बुक कराई थी। 12 दिन का टूर था। कुरुक्षेत्र, मथुरा, वृंदावन होते हुए वह सोमवार को सुबह बांदा से गुजरकर हाईवे से चित्रकूट होकर प्रयागराज जा रहे थे। दुर्घटना के पीछे जहां कुछ यात्री चालक को नींद की झपकी बता रहे हैं तो कुछ बस का अगला टायर बर्स्ट होने का कयास लगा रहे हैं। उधर, दुर्घटना में मृतक दोनों महिला यात्री बस के अगले भाग में चालक के पास की सीट पर बैठी थीं। बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से उनके सिरों पर गंभीर चोटें आईं। अन्य घायल तीर्थ यात्री भी बस के अगले भाग में थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला।
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घटना सोमवार को सुबह करीब 6 बजे की है। जम्मू के कठुआ जनपद से 14 फरवरी को प्रयागराज के लिए रवाना हुए निजी बस में लगभग 55 तीर्थ यात्री थी। यह सुबह गिरवां थाना क्षेत्र के महुआ गांव के पास झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे में ढाबे के पास चालक स्टेयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा और बस बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे महुआ के पेड़ से तेज रफ्तार हालत में जा टकराई। नाले और चबूतरे में फंस गई। बस में सवार ऊषा देवी (45) पत्नी नानकचंद्र और सुषमा देवी (65) पत्नी विजय कुमार की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। यह दोनों कठुआ जनपद में आंगनबाड़ी पद पर कार्यरत थीं। इनके अलावा ऊषा देवी का पुत्र राहुल (23), मंगतराम (65) पुत्र नंदलाल (बमियाल, पंजाब) और उसकी पत्नी निर्मला देवी (60), पुष्पा (60) पत्नी देशराज, सुनील (26) पुत्र धर्मपाल, पुष्पा देवी (45) पत्नी सोमराज (रडोर, पंजाब) को गंभीर चोटें आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके अतिरिक्त रानी (40), पुष्पा (35), गुलशन (38), पप्पू (40) तथा लगभग एक दर्जन अन्य यात्रियों का अस्पताल में उपचार किया गया।
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पुलिस ने घायलों को अस्पताल और शवों को मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीर्थ यात्री शिवमोहन व मंगतराम ने बताया कि तीर्थ यात्री दो बसों पर रवाना हुए थे। उधर, घायल तीर्थ यात्रियों को बदौसा थानाध्यक्ष आलोक सिंह व स्टाफ ने भोजन आदि की व्यवस्था कराई।
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कुंभ में स्नान की इच्छा लेकर लगभग एक हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुके जम्मू के तीर्थ यात्री प्रयागराज की सीमा पर पहुंचने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए। कुंभ स्नान की आस अधूरी रह गई। घायल तीर्थ यात्री मंगतराम व नानकचंद्र ने बताया कि प्राइवेट टूरिस्ट बस बुक कराई थी। 12 दिन का टूर था। कुरुक्षेत्र, मथुरा, वृंदावन होते हुए वह सोमवार को सुबह बांदा से गुजरकर हाईवे से चित्रकूट होकर प्रयागराज जा रहे थे। दुर्घटना के पीछे जहां कुछ यात्री चालक को नींद की झपकी बता रहे हैं तो कुछ बस का अगला टायर बर्स्ट होने का कयास लगा रहे हैं। उधर, दुर्घटना में मृतक दोनों महिला यात्री बस के अगले भाग में चालक के पास की सीट पर बैठी थीं। बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से उनके सिरों पर गंभीर चोटें आईं। अन्य घायल तीर्थ यात्री भी बस के अगले भाग में थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला।