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100 मिमी वर्षा ने तोड़ा औसत बारिश का रिकार्ड
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बांदा। रविवार की रात इस मानसूनी मौसम की सबसे भारी बारिश हुई। आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश ने तड़के विकराल रूप ले लिया। बिजली की गड़गड़ाहट के बीच कई घंटे मूसलाधार बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक लगभग 100 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा रिकार्ड की गई है। जून में बारिश का पैमाना 147 मिलीमीटर पहुंच गया है। यह औसत से 52 मिलीमीटर ज्यादा है। कृषि विभाग के मुताबिक जून माह में बारिश का औसत 95 मिलीमीटर है। तापमान में लगभग तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
15 जून से शुरू हुए मानसूनी मौसम में रविवार (28 जून) तक 13 दिनों में मात्र 47 मिलीमीटर वर्षा हुई थी लेकिन रविवार की रात बारिश ने रिकार्ड बना दिया। आधी रात के बाद से तड़के तक लगभग 100 मिलीमीटर बारिश हुई। शहरी और ग्रामीण निचले इलाकों से लेकर खेतों तक जगह-जगह पानी भर गया। जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ लेकिन उमस और गर्मी से राहत भी मिली।
बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी दिनेश साहा ने बताया करीब 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम पारा 37 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में नमी का आंकड़ा 74 फीसदी रहा। बताया कि अगले चार दिनों तक गरज और चमक के साथ हल्की या मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। किसानों को सलाह दी है कि बुवाई की तैयारी रखें। बीज-खाद आदि तैयार रखें। मौसम खुलते ही बुवाई शुरू कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि मौसम संबंधी जानकारी के लिए किसान सुविधा एप जरूर डाउनलोड करें।
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गाज ने गुल कर दी शहर की बिजली
बांदा। बारिश और गाज ने मंडल मुख्यालय की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। गाज से मुख्यालय के 33/11 केवी सब स्टेशन से जुड़ी लाइनें और करीब आधा दर्जन इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। लगभग पूरा शहर तड़के से सोमवार को देर शाम तक बिजलीविहीन रहा।
दोपहर को कुछ देर आपूर्ति चालू होते ही फिर ब्रेक डाउन हो गई। पीली कोठी फीडर से जुड़े शहर के सभी मुख्य इलाकों में अंधेरा रहा। इसी तरह शहर के आधा दर्जन इलाकों और जल संस्थान के इंटेकवेल को बिजली आपूर्ति करने वाला भूरागढ़ फीडर भी ठप रहा। अवर अभियंता कांता प्रसाद के मुताबिक गाज से इस फीडर की 33 केवी लाइनें भी गड़बड़ा गईं।
जिला अस्पताल में भी तड़के से पूरे दिन बिजली बंद रही। हालांकि यहां के लिए अलग फीडर बनाया गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। जल संस्थान के ट्यूबवेल और इंटेकवेल न चल पाने से पानी का भंडार नहीं हो पाया। सोमवार को अधिकांश इलाकों में जलापूर्ति नहीं हुई। मंगलवार को भी जलापूर्ति बाधित या आंशिक रहने की संभावना है।
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15 जून से शुरू हुए मानसूनी मौसम में रविवार (28 जून) तक 13 दिनों में मात्र 47 मिलीमीटर वर्षा हुई थी लेकिन रविवार की रात बारिश ने रिकार्ड बना दिया। आधी रात के बाद से तड़के तक लगभग 100 मिलीमीटर बारिश हुई। शहरी और ग्रामीण निचले इलाकों से लेकर खेतों तक जगह-जगह पानी भर गया। जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ लेकिन उमस और गर्मी से राहत भी मिली।
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बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी दिनेश साहा ने बताया करीब 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम पारा 37 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में नमी का आंकड़ा 74 फीसदी रहा। बताया कि अगले चार दिनों तक गरज और चमक के साथ हल्की या मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। किसानों को सलाह दी है कि बुवाई की तैयारी रखें। बीज-खाद आदि तैयार रखें। मौसम खुलते ही बुवाई शुरू कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि मौसम संबंधी जानकारी के लिए किसान सुविधा एप जरूर डाउनलोड करें।
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गाज ने गुल कर दी शहर की बिजली
बांदा। बारिश और गाज ने मंडल मुख्यालय की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। गाज से मुख्यालय के 33/11 केवी सब स्टेशन से जुड़ी लाइनें और करीब आधा दर्जन इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। लगभग पूरा शहर तड़के से सोमवार को देर शाम तक बिजलीविहीन रहा।
दोपहर को कुछ देर आपूर्ति चालू होते ही फिर ब्रेक डाउन हो गई। पीली कोठी फीडर से जुड़े शहर के सभी मुख्य इलाकों में अंधेरा रहा। इसी तरह शहर के आधा दर्जन इलाकों और जल संस्थान के इंटेकवेल को बिजली आपूर्ति करने वाला भूरागढ़ फीडर भी ठप रहा। अवर अभियंता कांता प्रसाद के मुताबिक गाज से इस फीडर की 33 केवी लाइनें भी गड़बड़ा गईं।
जिला अस्पताल में भी तड़के से पूरे दिन बिजली बंद रही। हालांकि यहां के लिए अलग फीडर बनाया गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। जल संस्थान के ट्यूबवेल और इंटेकवेल न चल पाने से पानी का भंडार नहीं हो पाया। सोमवार को अधिकांश इलाकों में जलापूर्ति नहीं हुई। मंगलवार को भी जलापूर्ति बाधित या आंशिक रहने की संभावना है।