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डेंगू के 10 संदिग्ध मरीज भर्ती
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बांदा। बरसात के मौसम में मच्छरों से मलेरिया और डेंगू बीमारी फैलने की आशंका रहती है। जिले में तेजी से डेंगू संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
दो दिन में राजकीय मेडिकल कॉलेज में संभावित 10 डेंगू मरीज भर्ती किए गए हैं। हालांकि, मलेरिया की रफ्तार कम है। मच्छरजनित इन दोनों बीमारियों से बचने के लिए डाक्टर सावधानी की नसीहत दे रहे हैं।
कोरोना के बाद अब डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया है। डेंगू से मौतों के बाद शासन ने प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए आरक्षित वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड डेंगू मरीज के लिए आरक्षित किए गए हैं। लार्वा नष्ट करने के लिए दवाओं के छिड़काव का दावा किया जा रहा है।
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इन सबके बावजूद डेंगू के 10 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इन सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलग वार्डों में भर्ती किया गया है।
राजकीय मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि सभी को तेज बुखार है। डेंगू बीमारी के लक्षण के अलावा प्लेटलेट्स भी काफी कम हैं।
खून जांच में डेंगू की संभावना पर सभी मरीजों को निगरानी में रखा गया है। उन्हें मच्छरदानी के साथ सावधानी बरतने को कहा गया है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि चालू वर्ष में अब तक मलेरिया के मात्र 12 केस हैं।
फरवरी माह में एक डेंगू का मरीज मिला था। अब वह भी ठीक हो चुका। मौजूदा समय में इन दोनों बीमारियों के कोई एक्टिव केस नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी
डेंगू को लेकर अलर्ट जारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीएचसी में दो-दो बेड के आरक्षित वार्ड बनाए गए हैं। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में भी अलग वार्ड बना लिए गए।
10 डेंगू के संभावित मरीज मेडिकल कालेज में भर्ती हैं। गाइडलाइन के मुताबिक, उनकी देखरेख/इलाज हो रहा है। लार्वा नष्ट करने के लिए टीमें दवा छिड़काव में लगाई गई हैं। मलेरिया विभाग पूरी निगरानी कर रहा है।
- डा. वीके तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा।
रक्तदान से पूरी होगी प्लेटलेट्स की कमी
डेंगू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी के मरीजों के प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं। ऐसे में इन्हें प्लेटलेट्स की जरूरत होती है।
प्लेटलेट्स की कमी रक्तदान से पूरी हो सकेगी। युवा और रक्तदान के इच्छुक लोग जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में रक्तदान जरूर करें, जिससे डेंगू मरीज चंगे हो सकें।
- डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, बांदा।
मेडिकल कॉलेज के दो डाक्टरों का तबादला
बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो और डाक्टर स्थानांतरित कर दिए गए। खास बात यह है कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही हैं, इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में सह आचार्य पद पर कार्यरत पीडियाट्रिक्स डा. मनोज कुमार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में संबद्ध किया गया है।
इसी तरह मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डा. आशीष गौतम को भी महाविद्यालय, फिरोजाबाद भेजा गया है। यह आदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक ने पहली सितंबर को जारी किया है।
उन्होंने आदेश में कहा कि डेंगू मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि के मद्देनजर डाक्टरों को अग्रिम आदेशों तक संबद्ध किया है। इसके पूर्व भी मेडिकल कॉलेज के सात डाक्टर तबादले पर जा चुके हैं।
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दो दिन में राजकीय मेडिकल कॉलेज में संभावित 10 डेंगू मरीज भर्ती किए गए हैं। हालांकि, मलेरिया की रफ्तार कम है। मच्छरजनित इन दोनों बीमारियों से बचने के लिए डाक्टर सावधानी की नसीहत दे रहे हैं।
कोरोना के बाद अब डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया है। डेंगू से मौतों के बाद शासन ने प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए आरक्षित वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड डेंगू मरीज के लिए आरक्षित किए गए हैं। लार्वा नष्ट करने के लिए दवाओं के छिड़काव का दावा किया जा रहा है।
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इन सबके बावजूद डेंगू के 10 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इन सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलग वार्डों में भर्ती किया गया है।
राजकीय मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि सभी को तेज बुखार है। डेंगू बीमारी के लक्षण के अलावा प्लेटलेट्स भी काफी कम हैं।
खून जांच में डेंगू की संभावना पर सभी मरीजों को निगरानी में रखा गया है। उन्हें मच्छरदानी के साथ सावधानी बरतने को कहा गया है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि चालू वर्ष में अब तक मलेरिया के मात्र 12 केस हैं।
फरवरी माह में एक डेंगू का मरीज मिला था। अब वह भी ठीक हो चुका। मौजूदा समय में इन दोनों बीमारियों के कोई एक्टिव केस नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी
डेंगू को लेकर अलर्ट जारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीएचसी में दो-दो बेड के आरक्षित वार्ड बनाए गए हैं। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में भी अलग वार्ड बना लिए गए।
10 डेंगू के संभावित मरीज मेडिकल कालेज में भर्ती हैं। गाइडलाइन के मुताबिक, उनकी देखरेख/इलाज हो रहा है। लार्वा नष्ट करने के लिए टीमें दवा छिड़काव में लगाई गई हैं। मलेरिया विभाग पूरी निगरानी कर रहा है।
- डा. वीके तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा।
रक्तदान से पूरी होगी प्लेटलेट्स की कमी
डेंगू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी के मरीजों के प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं। ऐसे में इन्हें प्लेटलेट्स की जरूरत होती है।
प्लेटलेट्स की कमी रक्तदान से पूरी हो सकेगी। युवा और रक्तदान के इच्छुक लोग जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में रक्तदान जरूर करें, जिससे डेंगू मरीज चंगे हो सकें।
- डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, बांदा।
मेडिकल कॉलेज के दो डाक्टरों का तबादला
बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो और डाक्टर स्थानांतरित कर दिए गए। खास बात यह है कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही हैं, इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में सह आचार्य पद पर कार्यरत पीडियाट्रिक्स डा. मनोज कुमार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में संबद्ध किया गया है।
इसी तरह मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डा. आशीष गौतम को भी महाविद्यालय, फिरोजाबाद भेजा गया है। यह आदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक ने पहली सितंबर को जारी किया है।
उन्होंने आदेश में कहा कि डेंगू मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि के मद्देनजर डाक्टरों को अग्रिम आदेशों तक संबद्ध किया है। इसके पूर्व भी मेडिकल कॉलेज के सात डाक्टर तबादले पर जा चुके हैं।