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दामिनी एप से बिजली गिरने की दिशा व गति की मिलेगी जानकारी
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पचपेड़वा (बलरामपुर)। दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान ने मेघदूत व दामिनी एप लांच किया है। मेघदूत एप से जहां जलवायु परिवर्तन के बारे में जानकारी मिलेगी वहीं दामिनी एप के माध्यम से आकाशीय बिजली की दिशा व गति के बारे में जाना जा सकता है। बिजली गिरने से बचाव एवं जलवायु परिवर्तन के बारे में जानकारी के लिए किसान दामिनी व मेघदूत एप डाउनलोड कर लाभ उठा सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के साथ मौसम में होने वाले भारी बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान संस्थान की सक्रियता बहुत ही सराहनीय है। बिजली से होने वाले जनधन हानि को देखते हुए मौसम विज्ञान संस्थान ने दामिनी एप लांच किया है। दामिनी एप किसानों को बिजली गिरने की दिशा व गति के बारे में जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रतिवर्ष 80 से 90 लोगों की मृत्यु होती है। लोगों को जब दामिनी एप के माध्यम से आकाशीय बिजली के बारे में पहले ही जानकारी हो जाएगी तो वह अपना बचाव कर सकेंगे। इसी तरह मेघदूत एप के माध्यम से जलवायु परिवर्तन एवं मौसम में होने वाले बदलाव की जानकारी हासिल की जा सकेगी। उन्होंने जिले के किसानों से अपने एंड्रायड फोन में दामिनी व मेघदूत एप डाउनलोड कर लाभ उठाने की अपील की है।
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कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के साथ मौसम में होने वाले भारी बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान संस्थान की सक्रियता बहुत ही सराहनीय है। बिजली से होने वाले जनधन हानि को देखते हुए मौसम विज्ञान संस्थान ने दामिनी एप लांच किया है। दामिनी एप किसानों को बिजली गिरने की दिशा व गति के बारे में जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रतिवर्ष 80 से 90 लोगों की मृत्यु होती है। लोगों को जब दामिनी एप के माध्यम से आकाशीय बिजली के बारे में पहले ही जानकारी हो जाएगी तो वह अपना बचाव कर सकेंगे। इसी तरह मेघदूत एप के माध्यम से जलवायु परिवर्तन एवं मौसम में होने वाले बदलाव की जानकारी हासिल की जा सकेगी। उन्होंने जिले के किसानों से अपने एंड्रायड फोन में दामिनी व मेघदूत एप डाउनलोड कर लाभ उठाने की अपील की है।
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