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Balrampur News: बारिश होगी या फिर तूफान आएगा, अब मिलेगी सटीक जानकारी
Fri, 18 Oct 2024 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 18 Oct 2024 11:09 PM IST
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बलरामपुर। गांवों में बेमौसम भारी वर्षा, आंधी-तूफान व आकाशीय बिजली गिरने सहित अन्य आपदाओं की जानकारी के लिए जिले के 773 ग्राम पंचायतों में स्वचलित रेन गेज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जगह चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
प्राकृतिक आपदाओं से जिले में हर साल भारी क्षति होती है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आकाशीय बिजली गिरने से होता है। इसकी चपेट में आने से हर साल कई लोगों की जान भी जाती है। इन मौसमी आपदाओं से निपटने और समय पूर्व प्रबंधन की कवायद शुरू करते हुए प्रशासन ने अब मौसम की सटीक जानकारी के लिए हरैया सतघरवा एवं गैड़ास बुजुर्ग में एक-एक तथा सभी 773 ग्राम पंचायत में स्वचलित वेदर रेन गेज स्थापित किया जाना है।
जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि स्वचलित वेदर रेन गेज स्थापना कार्य के लिए शासन से बजट की स्वीकृति भी मिल गई है। निर्माण स्थल का चयन होते ही इसके निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलेगा। उनकी फसल को मौसमी आपाद से काफी हद तक बचाने में मदद भी मिलेगी।
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इनसेट
तलाशी जा रही जमीन
- जिला प्रशासन ने पंचायत राज विभाग के माध्यम से जमीन की तलाश तेज कर दी है। भूमि की उपलब्धता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसकी स्थापना के लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
क्या होगा फायदा
आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह का कहना है हर गांव में स्वचलित वेदर रेन गेज बनने से कई फायदे हैं। एक तो लोगों को मौसम संबंधी जानकारी समय से मिल जाएगी। जिससे आम लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगा। दूसरी बात, मौसम संबंधी जानकारी होने की वजह से होने वाली समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
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प्राकृतिक आपदाओं से जिले में हर साल भारी क्षति होती है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आकाशीय बिजली गिरने से होता है। इसकी चपेट में आने से हर साल कई लोगों की जान भी जाती है। इन मौसमी आपदाओं से निपटने और समय पूर्व प्रबंधन की कवायद शुरू करते हुए प्रशासन ने अब मौसम की सटीक जानकारी के लिए हरैया सतघरवा एवं गैड़ास बुजुर्ग में एक-एक तथा सभी 773 ग्राम पंचायत में स्वचलित वेदर रेन गेज स्थापित किया जाना है।
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जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि स्वचलित वेदर रेन गेज स्थापना कार्य के लिए शासन से बजट की स्वीकृति भी मिल गई है। निर्माण स्थल का चयन होते ही इसके निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलेगा। उनकी फसल को मौसमी आपाद से काफी हद तक बचाने में मदद भी मिलेगी।
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तलाशी जा रही जमीन
- जिला प्रशासन ने पंचायत राज विभाग के माध्यम से जमीन की तलाश तेज कर दी है। भूमि की उपलब्धता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसकी स्थापना के लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
क्या होगा फायदा
आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह का कहना है हर गांव में स्वचलित वेदर रेन गेज बनने से कई फायदे हैं। एक तो लोगों को मौसम संबंधी जानकारी समय से मिल जाएगी। जिससे आम लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगा। दूसरी बात, मौसम संबंधी जानकारी होने की वजह से होने वाली समस्याओं का समाधान हो सकेगा।