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Balrampur News: एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की नहीं है व्यवस्था
Thu, 07 Aug 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:37 AM IST
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गैसड़ी (बलरामपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं सिफर हैं। सीएचसी में ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गंभीर अवस्था वाली गर्भवती को खून की कमी होने पर जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। सीएचसी में बीते दो माह में सिर्फ सात गर्भवती का ही ऑपरेशन हुआ है। गंभीर अवस्था में गर्भवती को चिकित्सक रेफर कर देते हैं।
प्रसूता व नवजात को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एफआरयू एक स्वास्थ्य सुविधा है जो आपातकालीन में प्रसूता और नवजात की देखभाल के लिए 24 घंटे सेवाएं प्रदान करने के लिए सुसज्जित होती है। एफआरयू में सभी प्रकार की आपात स्थितियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं।
वहीं, सीएचसी पचपेड़वा में ब्लड स्टोरेज की ही व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां गर्भवती को प्रसव के दौरान खून की कमी होने पर परिजनों को जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। स्वास्थ्य सुविधाओं कमी के चलते जून में चार व जुलाई में सिर्फ तीन गर्भवती का ही ऑपरेशन हो पाया है।
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इलाज न मिलने से जच्चा-बच्चा की जा चुकी है जान
लौकहवा (आदम तारा) निवासी जकरे आलम ने बताया कि बीते 27 जुलाई की शाम प्रसव के लिए अपनी बहन रहीमुन्निशा को सीएचसी पचपेड़वा लाए थे। अस्पताल में चिकित्सक ने ऑक्सीजन की कमी बताकर वापस कर दिया। बाद में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। जकरे आलम ने बताया कि यदि सीएचसी में सही इलाज हो जाता तो उनकी बहन व नवजात की जान बच सकती थी।
उच्चाधिकारियों को दी गई है सूचना
सीएचसी पचपेड़वा में ब्लड स्टोरेज यूनिट की व्यवस्था कराने के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। प्रस्ताव मिलते ही ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था कराई जाएगा।
- डॉ. विजय कुमार, अधीक्षक सीएचसी पचपेड़वा
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प्रसूता व नवजात को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एफआरयू एक स्वास्थ्य सुविधा है जो आपातकालीन में प्रसूता और नवजात की देखभाल के लिए 24 घंटे सेवाएं प्रदान करने के लिए सुसज्जित होती है। एफआरयू में सभी प्रकार की आपात स्थितियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं।
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वहीं, सीएचसी पचपेड़वा में ब्लड स्टोरेज की ही व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां गर्भवती को प्रसव के दौरान खून की कमी होने पर परिजनों को जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। स्वास्थ्य सुविधाओं कमी के चलते जून में चार व जुलाई में सिर्फ तीन गर्भवती का ही ऑपरेशन हो पाया है।
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इलाज न मिलने से जच्चा-बच्चा की जा चुकी है जान
लौकहवा (आदम तारा) निवासी जकरे आलम ने बताया कि बीते 27 जुलाई की शाम प्रसव के लिए अपनी बहन रहीमुन्निशा को सीएचसी पचपेड़वा लाए थे। अस्पताल में चिकित्सक ने ऑक्सीजन की कमी बताकर वापस कर दिया। बाद में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। जकरे आलम ने बताया कि यदि सीएचसी में सही इलाज हो जाता तो उनकी बहन व नवजात की जान बच सकती थी।
उच्चाधिकारियों को दी गई है सूचना
सीएचसी पचपेड़वा में ब्लड स्टोरेज यूनिट की व्यवस्था कराने के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। प्रस्ताव मिलते ही ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था कराई जाएगा।
- डॉ. विजय कुमार, अधीक्षक सीएचसी पचपेड़वा