गौरा चौराहा (बलरामपुर)। गैसड़ी विकासखंड के ग्राम जहांदरिया के मजरा मौलाडीह तक जाने का कोई रास्ता नहीं हैं। पहले लोग भांभर नाले के किनारे से आते-जाते थे, लेकिन कटान से वह किनारा भी खत्म हो चुका है। ग्रामीण खेतों की मेड़ व नाले पर रखे सीमेंट के खंभे से होकर एक किलोमीटर चलकर मुख्य मार्ग पर पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को पानी बरसने से आना-जाना और मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव तक आने-जाने के लिए रास्ता बनवाने की मांग की है। ग्राम जहांदरिया के मजरा मौलाडीह में 35 घर हैं, जिसकी आबादी 200 के करीब है। इस गांव में आने-जाने के लिए कच्चा या पक्का कोई रास्ता या चकमार्ग तक नहीं है। गांव निवासी मो. अकरम, सलामत उल्लाह, रामसुमिरन, केशवराम, अबुलैश, फजरुल्ला, शमशुद्दीन, विजय कुमार, इमरान, बरकत ने बताया कि महिला के प्रसव के समय रास्ता न होने से एंबुलेंस घर तक नहीं आ पाती है। मरीज को चारपाई पर लादकर एक किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के दिनों में खेत में पानी होता है तो उसमें होकर जाना पड़ता है।