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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने चलाया अभियान
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बलरामपुर। प्राथमिक शिक्षक संघ की तरफ से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने मंगलवार को अभियान चलाया। अभियान के तहत ट्विटर पर अपनी रिपोर्ट भेजकर सरकार से पुरानी पेंशन को बहाल किए जाने और विभाग की अन्य समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक के नेतृत्व में जिला व ब्लॉक कार्य समिति के पदाधिकारियों व अन्य शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली व अन्य समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए ट्विटर अभियान में शामिल हुए।
इस महा अभियान में जिला मंत्री अवधेश श्रीवास्तव, शिव कुमार सोनी, काजिम अली, वेद प्रकाश पांडेय, आलोक मणि पांडेय, मनोज सैनी, मनीष पांडेय, अशोक गौतम, जसवंत शुक्ला, नीरज सिंह, दिलीप कुमार, वैैभव शुक्ला, विकास, पंकज सिंह व रतनदीप श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में जिले के शिक्षकों ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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प्रतिक्रिया में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों, रसोईयां व केजीबीवी के स्टॉफ के खिलाफ उत्पीड़न की कार्यशैली बंद की जाए।
शिक्षकों की पुरानी पेंशन व स्कूलों में समाप्त किए गए हेडमास्टर के पद बहाल किए जाए। मोबाइल अथवा लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा दिए बिना ही ऑनलाइन कार्य करने को मजबूर न किया जाए।
शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद से हटाकर शिक्षामित्र बना दिया गया। अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार से घटाकर सात हजार रुपये कर दिया गया। विशेष शिक्षक व रसोईयां आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। ट्विटर पर प्रदेश सरकार से 21 सूत्रीय समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की गई है।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक के नेतृत्व में जिला व ब्लॉक कार्य समिति के पदाधिकारियों व अन्य शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली व अन्य समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए ट्विटर अभियान में शामिल हुए।
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इस महा अभियान में जिला मंत्री अवधेश श्रीवास्तव, शिव कुमार सोनी, काजिम अली, वेद प्रकाश पांडेय, आलोक मणि पांडेय, मनोज सैनी, मनीष पांडेय, अशोक गौतम, जसवंत शुक्ला, नीरज सिंह, दिलीप कुमार, वैैभव शुक्ला, विकास, पंकज सिंह व रतनदीप श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में जिले के शिक्षकों ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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प्रतिक्रिया में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों, रसोईयां व केजीबीवी के स्टॉफ के खिलाफ उत्पीड़न की कार्यशैली बंद की जाए।
शिक्षकों की पुरानी पेंशन व स्कूलों में समाप्त किए गए हेडमास्टर के पद बहाल किए जाए। मोबाइल अथवा लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा दिए बिना ही ऑनलाइन कार्य करने को मजबूर न किया जाए।
शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद से हटाकर शिक्षामित्र बना दिया गया। अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार से घटाकर सात हजार रुपये कर दिया गया। विशेष शिक्षक व रसोईयां आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। ट्विटर पर प्रदेश सरकार से 21 सूत्रीय समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की गई है।