फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Schools open after seven months, attendance was extremely low

सात माह बाद खुले स्कूल, बच्चों की उपस्थिति रही बेहद कम

Mon, 19 Oct 2020 10:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 10:03 PM IST
विज्ञापन
Schools open after seven months, attendance was extremely low
बलरामपुर। कोविड-19 महामारी के चलते सात माह बाद स्कूल खुल गए हैं लेकिन बच्चों की उपस्थित बेहद कम रही है। दोनों पालियों में पहले दिन हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के करीब 25 प्रतिशत छात्र उपस्थित हुए। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। सभी स्कूलों में प्रधानाचार्यों की तरफ से गोले बनवाए गए और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने के इंतजाम किए गए।
विज्ञापन

कोविड 19 महामारी के सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया जाएगा। शारदा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य संदीप सिंह ने बताया कि सबसे पहले गेट पर ही बच्चों को सैनिटाइजर दिया गया और उन्हें मास्क लगाने की सख्त हिदायत दी गई। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया। पहले दिन दोनों पालियों में करीब 25 प्रतिशत छात्र उपस्थित हुए जबकि नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत तक बच्चे बुलाए जा सकते हैं।
विज्ञापन

पायनियर पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने बताया कि सात माह बाद स्कूल खुलने पर बच्चों ने खुशी जताई है। बच्चों की सुरक्षा के लिए विद्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था की गई। ऑटोमेटिक सैनिटाइजर फॉग मशीन, ऑक्सीमीटर व स्प्रे मशीन की व्यवस्था की गई है। दोनों पालियों में 25 से 30 प्रतिशत बच्चे उपस्थित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमपीपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैप्टन जीपी तिवारी ने बताया कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बच्चों व स्टॉफ के बीच सामाजिक दूरी का पालन कराया गया। पहले दिन 50 प्रतिशत बच्चों को बुलाया गया। दूसरे दिन 50 प्रतिशत बच्चे बुलाए गए हैं। कोरोना महामारी के डर से अभी बच्चे स्कूल आने से कतरा रहे हैं, इसलिए पहले दिन 20-25 प्रतिशत छात्र ही आए।

माध्यमिक शिक्षा विभाग बलरामपुर की नोडल अधिकारी सीमा शुक्ला ने सोमवार को जिले के 12 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्कूलों में खामियां पाई गईं जिस पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। डीआईओएस डॉ. चंदन पांडेय को ऐसे प्रधानाचार्यों से जवाब तलब करने का निर्देश नोडल अधिकारी ने दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed