{"_id":"6ab41873f045050fc6050b5d","slug":"representatives-of-sugar-mills-did-not-turn-up-nor-was-payment-received-outrage-prevails-balrampur-news-c-99-1-brp1003-155256-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: चीनी मिलों के प्रतिनिधि नहीं आए और न ही मिला भुगतान, आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: चीनी मिलों के प्रतिनिधि नहीं आए और न ही मिला भुगतान, आक्रोश
Wed, 23 Sep 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
फोटो-28-बलरामपुर के गन्ना समिति बलरामपुर में आयोजित मेले में मौजूद किसान ।-संवाद
- फोटो : 1
उतरौला। नगर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें तीन चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताई। बजाज चीनी मिल इटई मैदा की ओर से समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। अधिकारियों के समझाने के बाद आगामी पेराई सत्र में बजाज चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करने पर सहमति बनी।
बैठक में मनकापुर, बलरामपुर और तुलसीपुर चीनी मिल के अधिकारियों को वैकल्पिक खरीद के लिए बुलाया गया था। किसानों को उम्मीद थी कि इन चीनी मिलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गन्ना खरीद को लेकर कोई दूसरा विकल्प सामने आएगा, लेकिन तीनों मिलों से कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा। इससे किसानों को निराशा हुई।
गन्ना किसान प्रहलाद ने बताया कि उनका 42 हजार रुपये, राजमणि त्रिपाठी का 60 हजार रुपये और तिलकराम का 58 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसी तरह कई अन्य किसानों का भी 20 हजार, 25 हजार और 30 हजार रुपये तक का भुगतान चीनी मिल में फंसा हुआ है। पेराई सत्र बीतने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
बजाज चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना दिनेश शर्मा जब किसानों के सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। समिति के चेयरमैन तोताराम वर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
किसान कृष्ण कुमार यादव ने गन्ने का मूल्य कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। पूर्व गन्ना चेयरमैन अतीक अहमद खान ने भी किसानों का भुगतान नियमित कराने की मांग उठाई। चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना दिनेश शर्मा ने मिल प्रबंधन से वार्ता कर भुगतान नियमित कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
बैठक में मनकापुर, बलरामपुर और तुलसीपुर चीनी मिल के अधिकारियों को वैकल्पिक खरीद के लिए बुलाया गया था। किसानों को उम्मीद थी कि इन चीनी मिलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गन्ना खरीद को लेकर कोई दूसरा विकल्प सामने आएगा, लेकिन तीनों मिलों से कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा। इससे किसानों को निराशा हुई।
विज्ञापन
गन्ना किसान प्रहलाद ने बताया कि उनका 42 हजार रुपये, राजमणि त्रिपाठी का 60 हजार रुपये और तिलकराम का 58 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसी तरह कई अन्य किसानों का भी 20 हजार, 25 हजार और 30 हजार रुपये तक का भुगतान चीनी मिल में फंसा हुआ है। पेराई सत्र बीतने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
बजाज चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना दिनेश शर्मा जब किसानों के सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। समिति के चेयरमैन तोताराम वर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
किसान कृष्ण कुमार यादव ने गन्ने का मूल्य कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। पूर्व गन्ना चेयरमैन अतीक अहमद खान ने भी किसानों का भुगतान नियमित कराने की मांग उठाई। चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना दिनेश शर्मा ने मिल प्रबंधन से वार्ता कर भुगतान नियमित कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।