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Balrampur News: चेतावनी बिंदु पार कर बही राप्ती, 110 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा
Thu, 07 Aug 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:51 AM IST
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बलरामपुर के ग्राम चौककला के मजरे माधवपुर में कटान रोकने के लिए बोरियां डालते मजदूर ।
बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को चेतावनी बिंदु को पार कर 104.010 मीटर तक पहुंच गया। यह स्तर चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से 38 सेंटीमीटर अधिक है। नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है, जिससे जिले के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और गहराता जा रहा है। वहीं, ललिया के चौकाकला के माधौपुर में खेतों को नदी ने काटना भी शुरू किया है।
मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण राप्ती नदी उफान पर है। हालांकि, पहाड़ी नालों में बाढ़ का असर अब घटने लगा है, लेकिन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से सदर, तुलसीपुर और उतरौला तहसीलों के करीब 110 गांवों में बाढ़ का सीधा असर पड़ सकता है। राप्ती का खतरे का निशान 104.620 मीटर है। वर्तमान में यह इससे महज 64 सेंटीमीटर नीचे है।
यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा, तो नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। राप्ती नदी में बाढ़ का पानी आने से सदर तहसील के ग्राम गंगापुर बांकी, धुधुलपुर, चौकाकला, सरदारगढ़, टेंगनहिया, मानकोट, कल्यानपुर, झौहना, करमहना व बेला समेत 110 गांवों में बाढ़ की आहट से प्रशासन ने निगरानी के कलस्टर तैयार किए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए जिलास्तरीय टीम सक्रिय कर दी गई है।
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जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ संकट को देखते हुए जिले के 110 संवेदनशील गांवों को 23 कलस्टर में विभाजित कर वहां नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों को गांवों का निरीक्षण कर लगातार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सदर तहसील में 13, तुलसीपुर में चार और उतरौला में छह कलस्टर बनाए गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में लेखपालों और राजस्व कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी नाव, राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।
सीएमओ ने किया बाढ़ प्रभावित गांव का निरीक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को तुलसीपुर ब्लॉक के महराजगंज तराई गांव का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को ओआरएस पैकेट और क्लोरीन की गोलियां वितरित कर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार चौधरी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय, डॉ. बाल मुकुंद मौर्य, डॉ. श्यामजी श्रीवास्तव ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।
19 बाढ़ राहत केंद्र और 32 बाढ़ चौकियां की गईं सक्रिय
बाढ़ से निपटने के लिए जनपद में कुल 19 बाढ़ राहत केंद्र और 32 सक्रिय बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए 32 मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। वहीं, जनपद स्तर पर इंटीग्रेटेड बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1077 संचालित किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में बाढ़ खंड, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस, राजस्व, नगर निकाय, पशुपालन और पीडब्ल्यूडी सहित सभी प्रमुख विभागों के कर्मचारी तैनात हैं।
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मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण राप्ती नदी उफान पर है। हालांकि, पहाड़ी नालों में बाढ़ का असर अब घटने लगा है, लेकिन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से सदर, तुलसीपुर और उतरौला तहसीलों के करीब 110 गांवों में बाढ़ का सीधा असर पड़ सकता है। राप्ती का खतरे का निशान 104.620 मीटर है। वर्तमान में यह इससे महज 64 सेंटीमीटर नीचे है।
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यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा, तो नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। राप्ती नदी में बाढ़ का पानी आने से सदर तहसील के ग्राम गंगापुर बांकी, धुधुलपुर, चौकाकला, सरदारगढ़, टेंगनहिया, मानकोट, कल्यानपुर, झौहना, करमहना व बेला समेत 110 गांवों में बाढ़ की आहट से प्रशासन ने निगरानी के कलस्टर तैयार किए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए जिलास्तरीय टीम सक्रिय कर दी गई है।
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जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ संकट को देखते हुए जिले के 110 संवेदनशील गांवों को 23 कलस्टर में विभाजित कर वहां नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों को गांवों का निरीक्षण कर लगातार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सदर तहसील में 13, तुलसीपुर में चार और उतरौला में छह कलस्टर बनाए गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में लेखपालों और राजस्व कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी नाव, राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।
सीएमओ ने किया बाढ़ प्रभावित गांव का निरीक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को तुलसीपुर ब्लॉक के महराजगंज तराई गांव का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को ओआरएस पैकेट और क्लोरीन की गोलियां वितरित कर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार चौधरी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय, डॉ. बाल मुकुंद मौर्य, डॉ. श्यामजी श्रीवास्तव ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।
19 बाढ़ राहत केंद्र और 32 बाढ़ चौकियां की गईं सक्रिय
बाढ़ से निपटने के लिए जनपद में कुल 19 बाढ़ राहत केंद्र और 32 सक्रिय बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए 32 मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। वहीं, जनपद स्तर पर इंटीग्रेटेड बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1077 संचालित किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में बाढ़ खंड, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस, राजस्व, नगर निकाय, पशुपालन और पीडब्ल्यूडी सहित सभी प्रमुख विभागों के कर्मचारी तैनात हैं।