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Balrampur News: घोटाले में पूर्व सीएमओ और सीएमएस के गिरफ्तारी की तैयारी
Sun, 14 Jun 2026 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:51 PM IST
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बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में वर्ष 2018 में हुए 1.40 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले में अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। कई वर्षों से चल रही जांच लगभग पूरी हो चुकी है और सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। सूत्रों के अनुसार शासन से अनुमति मिलते ही मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है।
जांच एजेंसी इस समय आरोपियों के वर्तमान ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के आदेश मिलते ही आरोपियों तक पहुंच बनाने के लिए विजिलेंस की टीम पहले से तैयारी कर रही है।
मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब जांच एजेंसी की नजर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सत्यदेव भारती और तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. घनश्याम सिंह पर है। दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच पूरी कर ली गई है और उनके संबंध में जरूरी तथ्य जुटाए जा चुके हैं।
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आरोप है कि जिला अस्पताल में विकास और मरम्मत कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था। शिकायत मिलने पर पहले इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की थी। बाद में प्रकरण सतर्कता अधिष्ठान को सौंप दिया गया, जिसके बाद विजिलेंस ने विस्तृत जांच शुरू की।
आठ वर्ष पुरानी फाइल तक पहुंचने में लगी लंबी मशक्कत
जांच के दौरान सबसे बड़ी समस्या पुराने अभिलेखों और दस्तावेजों को जुटाने में आई। कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो रहे थे, जिससे जांच की प्रक्रिया लंबी खिंच गई। कुछ माह पहले विजिलेंस ने मामले में तेजी लाते हुए अस्पताल से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार तलब किया। इसके बाद भुगतान से जुड़े दस्तावेज, प्रशासनिक स्वीकृतियां और अन्य रिकॉर्ड जुटाकर उनका मिलान किया गया।सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने आठ वर्ष पुराने रिकॉर्ड खंगालकर प्रत्येक भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसी आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है।
आरोपियों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर
विजिलेंस अब शासन से अंतिम अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है। इसी बीच संभावित आरोपियों के निवास और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार पूर्व सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनका लखनऊ में भी आवास है। वहीं पूर्व सीएमएस डॉ. सत्यदेव भारती बहराइच रोड स्थित जानकी नगर क्षेत्र में रहते हैं। विजिलेंस दोनों की वर्तमान लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाने में लगी है, ताकि कार्रवाई शुरू होते ही आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में हुए 1.40 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की जांच पूरी हो गई है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकी है।
- विजय यादव, जांच अधिकारी, सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ
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जांच एजेंसी इस समय आरोपियों के वर्तमान ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के आदेश मिलते ही आरोपियों तक पहुंच बनाने के लिए विजिलेंस की टीम पहले से तैयारी कर रही है।
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मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब जांच एजेंसी की नजर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सत्यदेव भारती और तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. घनश्याम सिंह पर है। दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच पूरी कर ली गई है और उनके संबंध में जरूरी तथ्य जुटाए जा चुके हैं।
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आरोप है कि जिला अस्पताल में विकास और मरम्मत कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था। शिकायत मिलने पर पहले इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की थी। बाद में प्रकरण सतर्कता अधिष्ठान को सौंप दिया गया, जिसके बाद विजिलेंस ने विस्तृत जांच शुरू की।
आठ वर्ष पुरानी फाइल तक पहुंचने में लगी लंबी मशक्कत
जांच के दौरान सबसे बड़ी समस्या पुराने अभिलेखों और दस्तावेजों को जुटाने में आई। कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो रहे थे, जिससे जांच की प्रक्रिया लंबी खिंच गई। कुछ माह पहले विजिलेंस ने मामले में तेजी लाते हुए अस्पताल से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार तलब किया। इसके बाद भुगतान से जुड़े दस्तावेज, प्रशासनिक स्वीकृतियां और अन्य रिकॉर्ड जुटाकर उनका मिलान किया गया।सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने आठ वर्ष पुराने रिकॉर्ड खंगालकर प्रत्येक भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसी आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है।
आरोपियों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर
विजिलेंस अब शासन से अंतिम अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है। इसी बीच संभावित आरोपियों के निवास और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार पूर्व सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनका लखनऊ में भी आवास है। वहीं पूर्व सीएमएस डॉ. सत्यदेव भारती बहराइच रोड स्थित जानकी नगर क्षेत्र में रहते हैं। विजिलेंस दोनों की वर्तमान लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाने में लगी है, ताकि कार्रवाई शुरू होते ही आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में हुए 1.40 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की जांच पूरी हो गई है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकी है।
- विजय यादव, जांच अधिकारी, सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ