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Balrampur News: टेंडर में अटके शादी के अरमान
Thu, 11 Dec 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:29 PM IST
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बलरामपुर का विकास भवन।
बलरामपुर। टेंडर की गुत्थी में जिले में सामूहिक विवाह योजना उलझकर रह गई है। सरकार की ओर से 473 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन 673 गरीब-पात्र जोड़ों ने आवेदन किया। दिसंबर का अंतिम शुभ मुहूर्त 12 तारीख को ही था, मगर समाज कल्याण विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका। अब बेटियों के अरमान नए साल के मुहूर्त पर ही पूरे हो सकेंगे।
हर साल की तरह इस बार भी सैकड़ों परिवारों ने उम्मीद जताई थी कि दिसंबर में सरकारी सौगात के साथ बेटियों के हाथ पीले होंगे। 15 दिसंबर से शुरू हो रहे खरमास ने भी इंतजार बढ़ा दिया है। 15 जनवरी तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा। ऐसे में अब सामूहिक विवाह कार्यक्रम जनवरी के बाद ही संभव है। आवेदन कराने वाले बेटियों के परिजन राज कुमार, सुरेश व इरफान आदि का कहना है कि सामूहिक विवाह योजना से उन्हें बड़ी राहत मिलती है। आर्थिक बोझ कम होता है और सामाजिक सम्मान भी मिलता है लेकिन देरी से अब चिंता बढ़ने लगी है। कई परिवारों ने तो रिश्तेदारों को भी आगामी कार्यक्रम की जानकारी दे दी थी, पर आयोजन स्थगित होने से उन्हें फिर से तैयारी टालनी पड़ रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि विवाह आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आवेदन सत्यापन भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरमास समाप्त होते ही पहले शुभ मुहूर्त में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। किसी भी पात्र जोड़े को लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
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प्रति जोड़े पर खर्च होंगे एक लाख रुपये
पहले प्रत्येक विवाह के लिए 51 हजार रुपये का बजट निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा किए जाएंगे और 25 हजार रुपये तक उपहार के रूप में दिए जाएंगे। 15 हजार रुपये कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च होंगे।
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हर साल की तरह इस बार भी सैकड़ों परिवारों ने उम्मीद जताई थी कि दिसंबर में सरकारी सौगात के साथ बेटियों के हाथ पीले होंगे। 15 दिसंबर से शुरू हो रहे खरमास ने भी इंतजार बढ़ा दिया है। 15 जनवरी तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा। ऐसे में अब सामूहिक विवाह कार्यक्रम जनवरी के बाद ही संभव है। आवेदन कराने वाले बेटियों के परिजन राज कुमार, सुरेश व इरफान आदि का कहना है कि सामूहिक विवाह योजना से उन्हें बड़ी राहत मिलती है। आर्थिक बोझ कम होता है और सामाजिक सम्मान भी मिलता है लेकिन देरी से अब चिंता बढ़ने लगी है। कई परिवारों ने तो रिश्तेदारों को भी आगामी कार्यक्रम की जानकारी दे दी थी, पर आयोजन स्थगित होने से उन्हें फिर से तैयारी टालनी पड़ रही है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि विवाह आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आवेदन सत्यापन भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरमास समाप्त होते ही पहले शुभ मुहूर्त में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। किसी भी पात्र जोड़े को लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
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प्रति जोड़े पर खर्च होंगे एक लाख रुपये
पहले प्रत्येक विवाह के लिए 51 हजार रुपये का बजट निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा किए जाएंगे और 25 हजार रुपये तक उपहार के रूप में दिए जाएंगे। 15 हजार रुपये कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च होंगे।