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तेंदुए के आतंक से दहशत में ग्रामीण
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फोटो-18-बलरामपुर के बुढ़वा नाले के पास बना माद जहां तेंदुआ होने की बात बता रहे ग्रामीण।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग रेंज जनकपुर के ग्राम पंचायत पिपरा दुर्गानगर के मजरा प्रतापपुर व आसपास गांव के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से 20 दिनों से भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बुढ़वा नाले के किनारे गन्ने के खेत में तेंदुआ अपने 5 शावकों के साथ मांद में बैठा है। तेंदुआ रात में निकलता है और आसपास के गांव के मवेशियों को निवाला बना कर माद में छुप कर बैठ जाता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए पकड़वाए जाने की मांग की है।
गांव के पास पोल्ट्री फार्म चलाने वाले कमल ने बताया कि तेंदुए बीते दिन उसकी बकरी पर हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अधिकारियों की उदासीनता से आए दिन तेंदुआ जानवरों का शिकार करता रहता है। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आते हैं मांद को देख कर वापस चले जाते हैं। डीएफओ प्रखर गुप्ता व एसडीओ अजीत सिंह के आने पर एक दिन के लिए वन दरोगा तरंग तिवारी व वनरक्षक अमित कुमार को तैनात किया गया था। वह भी जनकपुर रेंज पर चले गए, अब देखने कोई भी नहीं आता।
जनकपुर रेंजर्स अमरजीत ने बताया कि तेंदुआ है या लकड़बग्घा कहना मुश्किल है। लेकिन तेंदुए को बच्चों सहित बैठा होने से मांद से (रेस्क्यू) नहीं निकाला जा सकता। लगातार मांद की निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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गांव के पास पोल्ट्री फार्म चलाने वाले कमल ने बताया कि तेंदुए बीते दिन उसकी बकरी पर हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अधिकारियों की उदासीनता से आए दिन तेंदुआ जानवरों का शिकार करता रहता है। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आते हैं मांद को देख कर वापस चले जाते हैं। डीएफओ प्रखर गुप्ता व एसडीओ अजीत सिंह के आने पर एक दिन के लिए वन दरोगा तरंग तिवारी व वनरक्षक अमित कुमार को तैनात किया गया था। वह भी जनकपुर रेंज पर चले गए, अब देखने कोई भी नहीं आता।
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जनकपुर रेंजर्स अमरजीत ने बताया कि तेंदुआ है या लकड़बग्घा कहना मुश्किल है। लेकिन तेंदुए को बच्चों सहित बैठा होने से मांद से (रेस्क्यू) नहीं निकाला जा सकता। लगातार मांद की निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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