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टेरर फंडिंग: सरगना किराये पर लेता गरीबों के बैंक खाते, पाकिस्तान को भेजे करोड़ों; दिल्ली से चला रहा था नेटवर्क
Sun, 27 Jul 2025 11:05 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 27 Jul 2025 11:05 AM IST
सार
टेरर फंडिंग में बड़ा खुलासा हुआ है। सरगना महीने के हिसाब में गरीबों के बैंक खाते किराये पर लेता था। इन खातों से पाकिस्तान को पैसे भेजता था। दिल्ली में बैठकर नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने सरगना सहित पांच को गिरफ्तार किया है।
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टेरर फंडिंग में पांच गिरफ्तार, काली टी-शर्ट में सरगना सस्पियर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नेपाल से सटे संवेदनशील जिले बलरामपुर में साइबर फ्रॉड के जरिए टेरर फंडिंग मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने बाइनेंस एप की मदद से पाकिस्तान के 30 बैंक खातों में करीब 8.15 करोड़ रुपये भेजे हैं।
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सरगना बिहार के नवादा जनपद के मुफास्सिल का रहने वाला सस्पियर नई दिल्ली में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वह साथियों को बचाने के लिए बलरामपुर पहुंचा था। पुलिस ने ललिया के कोडरी घाट पुल के पास से शनिवार को सस्पियर व फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद) निवासी उसका साथी प्रदीप कुमार सिंह और बलरामपुर के ललिया क्षेत्र के सत्यदेव, लवकुश वर्मा, जय प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।
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200 बैंक खातों का यूपीआई बनाकर पूरा खेल किया गया
जांच में दो पाकिस्तानी बैंक खातों का ब्योरा सस्पियर के मोबाइल से मिला है। पाकिस्तानी खातों में सितंबर 2024 से जुलाई 2025 तक 8.15 करोड़ भेजे गए हैं। एसपी विकास कुमार ने बताया कि सरगना सस्पियर ने चार व्हाट्सएप अकाउंट बनाए थे। जांच में सामने आया कि वह 200 बैंक खातों का यूपीआई बनाकर पूरा खेल किया गया था। इस रकम को वह क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करता था। यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। टेरर फंडिंग के लिए चाइनीज और सिंगापुर के एप का प्रयोग किया गया है। इसकी जांच के लिए विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है।
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