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Balrampur News: अभिलेख न मिलने से लटकी कूड़ा पृथक्करण केंद्र की जांच
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। तुलसीपुर ब्लॉक की मुड़िला पंचायत में एक ही कूड़ा पृथक्करण केंद्र के निर्माण में दो बार भुगतान की जांच फाइलों में उलझ कर रह गई है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी सचिव ने पत्रावली नहीं दी है, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
मामले की शिकायत दीपक सिंह ने की थी। आरोप था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में तत्कालीन सचिव प्रवीण गुप्ता ने कूड़ा पृथक्करण केंद्र के नाम पर 28 दिसंबर 2022 व 31 दिसंबर 2022 को एक लाख 34 हजार 520 रुपये का भुगतान चित्रा ट्रेडर्स को तथा एक लाख 12 हजार 470 रुपये का भुगतान आयुष ईंट भट्टा को किया। बिना कार्य पूर्ण कराए ही दो लाख 46 हजार 990 रुपये खर्च कर डाले। बिना कंसलटिंग इंजीनियर से एमबी कराए ही भुगतान किया था।
सचिव के स्थानांतरण के बाद पंचायत में बतौर सचिव श्रीप्रकाश गुप्त की तैनाती हुई। उन्होंने बिना पुराने कार्य व खर्च का ब्यौरा तैयार किए ही भुगतान निकाल लिया। उन्होंने भी 25 मार्च 2025 को हिंदुस्तान जनरल सप्लायर वेंडर को तीन लाख 80 हजार 652 रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह दो-दो बार भुगतान होने के बाद भी केंद्र का संचालन नहीं हो सका। शिकायत की एडीओ पंचायत जांच कर रहे हैं। अभी तक उन्हें अभिलेख नहीं मिल सके हैं और जांच अधूरी है। एडीओ पंचायत ने बताया कि फिर से सचिव को नोटिस दिया गया है और अभिलेख मांगे गए हैं।
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मामले की शिकायत दीपक सिंह ने की थी। आरोप था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में तत्कालीन सचिव प्रवीण गुप्ता ने कूड़ा पृथक्करण केंद्र के नाम पर 28 दिसंबर 2022 व 31 दिसंबर 2022 को एक लाख 34 हजार 520 रुपये का भुगतान चित्रा ट्रेडर्स को तथा एक लाख 12 हजार 470 रुपये का भुगतान आयुष ईंट भट्टा को किया। बिना कार्य पूर्ण कराए ही दो लाख 46 हजार 990 रुपये खर्च कर डाले। बिना कंसलटिंग इंजीनियर से एमबी कराए ही भुगतान किया था।
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सचिव के स्थानांतरण के बाद पंचायत में बतौर सचिव श्रीप्रकाश गुप्त की तैनाती हुई। उन्होंने बिना पुराने कार्य व खर्च का ब्यौरा तैयार किए ही भुगतान निकाल लिया। उन्होंने भी 25 मार्च 2025 को हिंदुस्तान जनरल सप्लायर वेंडर को तीन लाख 80 हजार 652 रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह दो-दो बार भुगतान होने के बाद भी केंद्र का संचालन नहीं हो सका। शिकायत की एडीओ पंचायत जांच कर रहे हैं। अभी तक उन्हें अभिलेख नहीं मिल सके हैं और जांच अधूरी है। एडीओ पंचायत ने बताया कि फिर से सचिव को नोटिस दिया गया है और अभिलेख मांगे गए हैं।
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