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Balrampur News: महिला आरक्षी से छेड़छाड़ के मामले की जांच शुरू
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बलरामपुर। कोतवाली देहात में होली के दूसरे दिन महिला आरक्षी से हुई छेड़छाड़ के मामले की पड़ताल तेज हो गई है। मामले की खबर रविवार व सोमवार को प्रकाशित की गई थी। आयुक्त देवीपाटन शशिभूषण लाल सुशील ने डीआईजी से मामले में रिपोर्ट मांगी है। वहीं खुफिया एजेंसियों ने भी मामले की जानकारी जुटाई है।
थाने में जिस तरह महिला आरक्षी के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई, उसे शासन ने भी गंभीरता से लिया है। खुफिया एजेंसियों ने शासन के संज्ञान में लिए जाने पर छानबीन शुरू की है। कोतवाली देहात में घटना में शामिल मुख्य आरक्षी और अन्य की जानकारी जुटाई गई है। महिला आरक्षी ने भले ही विभागीय अनुशासन को देखते हुए शिकायती पत्र देकर चुप्पी साध ली है लेकिन मामले की पड़ताल अनुशासन से जुड़े महकमे में मनबढ़ सिपाही और दीवान पर नियंत्रण से जोड़ कर देखा जा रहा है। मामले की गोपनीय जांच होने से अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। शासन के संज्ञान लेने से जिले में खलबली मची है।
अनुशासनहीनता की अनदेखी से बढ़ती है समस्या
पुलिस विभाग अनुशासित विभाग है। महिला सहकर्मी के साथ बेहतर व्यवहार का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके बाद भी थाने के भीतर इस तरह की घटना होना गंभीर विषय है। मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शासन ने संज्ञान लिया है तो कार्रवाई तय है। - राम बहादुर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
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थाने में जिस तरह महिला आरक्षी के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई, उसे शासन ने भी गंभीरता से लिया है। खुफिया एजेंसियों ने शासन के संज्ञान में लिए जाने पर छानबीन शुरू की है। कोतवाली देहात में घटना में शामिल मुख्य आरक्षी और अन्य की जानकारी जुटाई गई है। महिला आरक्षी ने भले ही विभागीय अनुशासन को देखते हुए शिकायती पत्र देकर चुप्पी साध ली है लेकिन मामले की पड़ताल अनुशासन से जुड़े महकमे में मनबढ़ सिपाही और दीवान पर नियंत्रण से जोड़ कर देखा जा रहा है। मामले की गोपनीय जांच होने से अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। शासन के संज्ञान लेने से जिले में खलबली मची है।
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अनुशासनहीनता की अनदेखी से बढ़ती है समस्या
पुलिस विभाग अनुशासित विभाग है। महिला सहकर्मी के साथ बेहतर व्यवहार का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके बाद भी थाने के भीतर इस तरह की घटना होना गंभीर विषय है। मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शासन ने संज्ञान लिया है तो कार्रवाई तय है। - राम बहादुर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
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