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Balrampur News: पोर्टल पर ऑनलाइन तैयार हो रही बंदियों की कुंडली
Mon, 02 Oct 2023 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 02 Oct 2023 11:26 PM IST
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बलरामपुर। जेल की सजा काटने वाले कैदियों का पूरा विवरण अब एक क्लिक पर मिलेगा। इसके लिए जेल बंदियों की पूरी कुंडली ऑन लाइन ई-प्रिजंल पोर्टल पर तैयारी की गई है। इसमें हर कैदी के जेल में बिताए दिनों के साथ ही उससे मुलाकात के लिए जेल आने वालों का पूरा विवरण दर्ज होगा। ताकि किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति होने पर पुलिस इन सूचनाओं का प्रयोग अपराध नियंत्रण के लिए कर सके।
जेल में सजा काटने के बावजूद बाहर संचालित आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गृह विभाग ने अब जेल में बंद कैदियों की कुंडली तैयार कर उसका डेटा बेस सुरक्षित करने की कवायद शुरू की है। ई-प्रिजंस पोर्टल पर जेल में बंद कैदियों के आपराधिक इतिहास के साथ ही उनसे जुड़ी अन्य छोटी बड़ी जानकारी, जेल में बिताए उनके दिन व इस दौरान उनसे मुलाकात करने के लिए आने वालों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा।
वर्तमान में जिला कारागार में 514 बंदियों की क्षमता के इतर 971 कैदी बंद हैं। इन कैदियों का डेटा बेस तैयार करने के लिए जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद शातिर बंदियों की फोटो और फिंगर प्रिंट लेकर उन्हें कंप्यूटर में अपलोड करे के साथ ही शरीर पर उनके पहचान के निशान का सत्यापन भी कराया जा रहा है। इस निशान का जिक्र भी पोर्टल में दर्ज विवरण में होगा। जेलर एसपी मिश्रा ने बताया कि पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं से जरूरत होने पर पुलिस जेल से छूटने वाले कैदियों के बारे में बस एक क्लिक पर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगी।
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चित्रकूट और बांदा समेत नैनी व बरेली जेल में उजागर हुई माफिया कैदियों की करतूत के बाद जेल प्रशासन को पूरी तरह से सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत ही अब जेल की हर छोटी बड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों का भी पूरा विवरण डेटा बेस में रिकार्ड हो रहा है।
जेल अधिकारी के मुताबिक बंदी से मिलने के लिए आने वालों को भी अब मुलाकात का कारण लिखित तौर पर बताना जरूरी हो गया है। इस पर अमल शुरू करते हुए अब जेल में मुलाकात के लिए आने वालों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पता, फोटो के साथ आवेदन आदि ब्योरा भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जा रहा है।
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जेल में सजा काटने के बावजूद बाहर संचालित आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गृह विभाग ने अब जेल में बंद कैदियों की कुंडली तैयार कर उसका डेटा बेस सुरक्षित करने की कवायद शुरू की है। ई-प्रिजंस पोर्टल पर जेल में बंद कैदियों के आपराधिक इतिहास के साथ ही उनसे जुड़ी अन्य छोटी बड़ी जानकारी, जेल में बिताए उनके दिन व इस दौरान उनसे मुलाकात करने के लिए आने वालों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा।
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वर्तमान में जिला कारागार में 514 बंदियों की क्षमता के इतर 971 कैदी बंद हैं। इन कैदियों का डेटा बेस तैयार करने के लिए जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद शातिर बंदियों की फोटो और फिंगर प्रिंट लेकर उन्हें कंप्यूटर में अपलोड करे के साथ ही शरीर पर उनके पहचान के निशान का सत्यापन भी कराया जा रहा है। इस निशान का जिक्र भी पोर्टल में दर्ज विवरण में होगा। जेलर एसपी मिश्रा ने बताया कि पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं से जरूरत होने पर पुलिस जेल से छूटने वाले कैदियों के बारे में बस एक क्लिक पर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगी।
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चित्रकूट और बांदा समेत नैनी व बरेली जेल में उजागर हुई माफिया कैदियों की करतूत के बाद जेल प्रशासन को पूरी तरह से सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत ही अब जेल की हर छोटी बड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों का भी पूरा विवरण डेटा बेस में रिकार्ड हो रहा है।
जेल अधिकारी के मुताबिक बंदी से मिलने के लिए आने वालों को भी अब मुलाकात का कारण लिखित तौर पर बताना जरूरी हो गया है। इस पर अमल शुरू करते हुए अब जेल में मुलाकात के लिए आने वालों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पता, फोटो के साथ आवेदन आदि ब्योरा भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जा रहा है।