{"_id":"62c9c9efa2932500a7015702","slug":"health-sugar-balrampur-news-lko63888589","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर्बल तरीके से मधुमेह के मरीजों का इलाज संभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर्बल तरीके से मधुमेह के मरीजों का इलाज संभव
विज्ञापन
बलरामपुर। वनस्पति विज्ञान के छह वैज्ञानिकों के समूह ने मधुमेह की रोकथाम व उपचार के लिए हर्बल फार्मूला पर शोध किया है। हर्बल तरीके से अब मधुमेह के मरीजों का इलाज संभव होगा। वैज्ञानिकों की टीम ने एक और महत्वपूर्ण शोध कार्य किया है, जो लोगों के लिए हितकारी होगा।
एमएलके पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के असिस्टेंट प्रो. डॉ. राजीव रंजन ने शनिवार को बताया कि छह सदस्यीय दल में उनके साथ डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. निखिल अग्निहोत्री, डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. राकेश कुमार श्रीवास्तव व डॉ. ममता शुक्ला शामिल रहीं। वैज्ञानिकों के समूह ने अनुवांशिक रूपांतर फेनोटाइप विश्लेषण प्रणाली, उसके तरीके और मधुमेह की रोकथाम व उपचार के लिए हर्बल फार्मूला विषय पर शोध कार्य प्रस्तुत किया, जो चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपयोगी हो सकता है।
दोनों महत्वपूर्ण शोध कार्यों को इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी इंडिया पेटेंट, डिजाइंस, ट्रेडमार्क मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पेटेंट किया है। पहला पेटेंट एक विशिष्ट व्यक्ति के भीतर और पूरी आबादी में एक विशेषता के लिए बीमारियों व अन्य विकारों की पहचान करता है। द्वितीय पेटेंट मधुमेह की रोकथाम व उपचार के लिए हर्बल फार्मूला है, जिसमें मधुमेह रोगियों को हर्बल तरीके से उपचार की सुविधा मिलेगी। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय व पूर्व प्राचार्य एनके सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों ने वैज्ञानिकों की टीम के प्रयास की सराहना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएलके पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के असिस्टेंट प्रो. डॉ. राजीव रंजन ने शनिवार को बताया कि छह सदस्यीय दल में उनके साथ डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. निखिल अग्निहोत्री, डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. राकेश कुमार श्रीवास्तव व डॉ. ममता शुक्ला शामिल रहीं। वैज्ञानिकों के समूह ने अनुवांशिक रूपांतर फेनोटाइप विश्लेषण प्रणाली, उसके तरीके और मधुमेह की रोकथाम व उपचार के लिए हर्बल फार्मूला विषय पर शोध कार्य प्रस्तुत किया, जो चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपयोगी हो सकता है।
विज्ञापन
दोनों महत्वपूर्ण शोध कार्यों को इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी इंडिया पेटेंट, डिजाइंस, ट्रेडमार्क मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पेटेंट किया है। पहला पेटेंट एक विशिष्ट व्यक्ति के भीतर और पूरी आबादी में एक विशेषता के लिए बीमारियों व अन्य विकारों की पहचान करता है। द्वितीय पेटेंट मधुमेह की रोकथाम व उपचार के लिए हर्बल फार्मूला है, जिसमें मधुमेह रोगियों को हर्बल तरीके से उपचार की सुविधा मिलेगी। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय व पूर्व प्राचार्य एनके सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों ने वैज्ञानिकों की टीम के प्रयास की सराहना की है।
विज्ञापन