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नेपाल से आए पानी से मची तबाही, 150 गांव टापू बने
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फोटो-10-बलरामपुर के पकड़ियाडिह गांव में नाव से घर जाते ग्रामीण।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। जिले के साथ नेपाल राष्ट्र में हो रही बारिश के चलते पहाड़ी नाले व राप्ती नदी पूरे उफान पर है। बाढ़ से करीब 150 गांव टापू बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़कों पर बाढ़ व कटान के चलते आवागमन ठप है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हजारों हेक्टेअर धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। बाढ़ पीड़ितों के समक्ष भोजन व पानी का संकट पैदा हो यगा है। कई गांव में आवागमन के लिए नाव लगाई गई है। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
लगातार बारिश के चलते रविवार को राप्ती नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 43 मीटर ऊपर 105.050 मीटर पहुंच गया है। नेपाल से आए पानी से गौरिया, हेंगहा, धोबहा, धौबेनिया, खरझार, नकटी, कटहा, भांभर व सिरिया आदि नाले पूरी तरह से उफान पर हैं। बाढ़ के चलते ललिया-हरिहरगंज मार्ग के जहदी डिप पर पानी चल रहा है। यहां पर आवागमन के लिए नाव लगाई गई है।
गैसड़ी ब्लॉक में पहाड़ी नालों के बाढ़ के चलते पकड़ीडीह, सरदारडीह, चौकिया, धोकरहा, जहदरिया, मनकी, अल्लानगर, बेनीनगर, कल्लूडीह, जमुवरिया, करमहना, टेंगनहवा, त्रिलोकपुर, हरनहवासुस्ता, बेलहसा, महरी व भोजपुर कोल्हुईया सहित दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर भुसैलवा डिप पर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन ठप है। पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की कटान के चलते कई गांव का अस्तित्व भी खतरे में है। उतरौला तहसील क्षेत्र के फत्तेनगर, चंदापुर, लालाजोत, बाघाजोत, परसौना, भरवलिया सहित दर्जनों गांव भीषण बाढ़ की चपेट में हैं।
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सदर तहसील में कल्यानपुर, सेमरहना, कटराशंकरनगर, डबकी, टेंगनहिया मानकोट, जबदहा जबदही, गंगापुर कला, भचकहिया, रामनगर आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। किसानों की हजारों हेक्टेअर धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। मवेशियों के लिए किसानों को चारा नहीं मिल रहा है। बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल नाव तथा राहत सामग्री भिजवाने की मांग की है।
बाइक सहित बहा युवक, तैर कर बचाई जान
ललिया। स्थानीय थाना क्षेत्र में जहदी डिप पर रविवार को बाढ़ के तेज बहाव के बीच बाइक सहित जा रहा इलाइचीनगर निवासी युवक बजरंगी बह गया। बजरंगी ने तैर कर किसी तरह अपनी जान बचाई। बताया कि उसकी बाइक तेज बहाव में बह गई है। प्रशासन ने डिप पर आवागमन के लिए नाव लगाई है।
नदी में उतराता मिला वृद्घ का शव
गैड़ास बुजुर्ग। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र में अमवा गांव के पास रविवार सुबह ग्रामीणों ने एक वृद्घ का शव कुआनों नदी में उतराता हुआ देखा। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक खादिम सज्जाद ने शव की शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान ग्राम देवारीखेरा सोमनडिह निवासी बृजलाल (62) के रूप में हुई है। मृतक के बेटे अर्जुन ने बताया कि उनके पिता तीन दिन पहले घर से बिना बताए कहीं चले गए थे। आज उनका शव नदी में मिला है। उपनिरीक्षक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
राहत व बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित गांव में राहत व बचाव कार्य युद्घस्तर पर किया जा रहा है। सभी उपजिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का आदेश दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर राहत पैकेट व दवाएं वितरित करने का भी निर्देश दिया गया है। अरूण कुमार शुक्ला, एडीएम/आपदा अधिकारी बलरामपुर
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लगातार बारिश के चलते रविवार को राप्ती नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 43 मीटर ऊपर 105.050 मीटर पहुंच गया है। नेपाल से आए पानी से गौरिया, हेंगहा, धोबहा, धौबेनिया, खरझार, नकटी, कटहा, भांभर व सिरिया आदि नाले पूरी तरह से उफान पर हैं। बाढ़ के चलते ललिया-हरिहरगंज मार्ग के जहदी डिप पर पानी चल रहा है। यहां पर आवागमन के लिए नाव लगाई गई है।
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गैसड़ी ब्लॉक में पहाड़ी नालों के बाढ़ के चलते पकड़ीडीह, सरदारडीह, चौकिया, धोकरहा, जहदरिया, मनकी, अल्लानगर, बेनीनगर, कल्लूडीह, जमुवरिया, करमहना, टेंगनहवा, त्रिलोकपुर, हरनहवासुस्ता, बेलहसा, महरी व भोजपुर कोल्हुईया सहित दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर भुसैलवा डिप पर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन ठप है। पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की कटान के चलते कई गांव का अस्तित्व भी खतरे में है। उतरौला तहसील क्षेत्र के फत्तेनगर, चंदापुर, लालाजोत, बाघाजोत, परसौना, भरवलिया सहित दर्जनों गांव भीषण बाढ़ की चपेट में हैं।
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सदर तहसील में कल्यानपुर, सेमरहना, कटराशंकरनगर, डबकी, टेंगनहिया मानकोट, जबदहा जबदही, गंगापुर कला, भचकहिया, रामनगर आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। किसानों की हजारों हेक्टेअर धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। मवेशियों के लिए किसानों को चारा नहीं मिल रहा है। बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल नाव तथा राहत सामग्री भिजवाने की मांग की है।
बाइक सहित बहा युवक, तैर कर बचाई जान
ललिया। स्थानीय थाना क्षेत्र में जहदी डिप पर रविवार को बाढ़ के तेज बहाव के बीच बाइक सहित जा रहा इलाइचीनगर निवासी युवक बजरंगी बह गया। बजरंगी ने तैर कर किसी तरह अपनी जान बचाई। बताया कि उसकी बाइक तेज बहाव में बह गई है। प्रशासन ने डिप पर आवागमन के लिए नाव लगाई है।
नदी में उतराता मिला वृद्घ का शव
गैड़ास बुजुर्ग। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र में अमवा गांव के पास रविवार सुबह ग्रामीणों ने एक वृद्घ का शव कुआनों नदी में उतराता हुआ देखा। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक खादिम सज्जाद ने शव की शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान ग्राम देवारीखेरा सोमनडिह निवासी बृजलाल (62) के रूप में हुई है। मृतक के बेटे अर्जुन ने बताया कि उनके पिता तीन दिन पहले घर से बिना बताए कहीं चले गए थे। आज उनका शव नदी में मिला है। उपनिरीक्षक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
राहत व बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित गांव में राहत व बचाव कार्य युद्घस्तर पर किया जा रहा है। सभी उपजिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का आदेश दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर राहत पैकेट व दवाएं वितरित करने का भी निर्देश दिया गया है। अरूण कुमार शुक्ला, एडीएम/आपदा अधिकारी बलरामपुर