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Balrampur News: हाईटेंशन लाइन के नीचे से बनाया डायवर्जन, हादसे की आशंका
Sat, 13 Jun 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:58 PM IST
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फोटो-27-बलरामपुर के बेलहा-इटवा मार्ग पर डायवर्जन रास्ते पर डंडे के सहारे ऊंचा किया गया हाईटेंशन
बलरामपुर। बेलहा-इटवा मार्ग (एनएच-159) पर निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा मानकों में लापरवाही को लेकर दो अवर अभियंताओं के निलंबन के बाद अब ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान एक और बड़ी चूक सामने आई है। पुल निर्माण के दौरान आवागमन के लिए बनाया गया डायवर्जन ऐसे स्थान से निकाला गया है, जिसके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आए दिन ऊंचे वाहन और मशीनें बिजली तारों के बेहद करीब पहुंच जाती हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दो बार हादसे होते-होते बचे हैं।
राहगीर संतोष कुमार, प्रमोद, राहुल व विजय आदि का कहना है कि निर्माण स्थल के दूसरी ओर से भी वैकल्पिक मार्ग निकाला जा सकता था, जहां किसी प्रकार की विद्युत लाइन नहीं है। हालांकि वहां अधिक भराई और समतलीकरण की जरूरत थी। आरोप है कि अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए ठेकेदार ने आसान रास्ता चुना और हाईटेंशन लाइन के नीचे से ही आवागमन शुरू करा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालक बिजली तारों की ऊंचाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। भारी वाहन गुजरते समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी की ओर से न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार के अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसी निर्माणाधीन पुल के पास हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रहे सिद्धार्थनगर निवासी युवक शुभांकर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में अब नई लापरवाही सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाहियों को गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार राकेश पांडेय के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
ऊंची पहुंच से ठेकेदार करता है मनमानी
देवीपाटन मंडल का बहुचर्चित ठेकेदार राकेश पांडेय अपनी ऊंची पहुंच का रौब गालिब करता है। बेलहा के तौफीक बताते हैं उनके सामने की जेई ने ठेकेदार के मुंशी को हिदायत दी थी कि डायवर्जन दक्षिण दिशा में बनाएं। यह हाईटेंशन की तार के नीचे है लेकिन बात नहीं मानी। जेई भी मौके से चले गए। चर्चा है कि राजनीतिक रसूख के साथ ही लोक निर्माण विभाग में गहरी पैठ से ठेकेदार हमेशा बड़े काम हथियाता है। इसकी शिकायत भी बीते दिनों हुई थी और मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आदेश पर जांच हुई। उस समय भी बहराइच का एक टेंडर निरस्त हुआ था और गोंडा के एक एक्सईन का तबादला हुआ था। लेकिन ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सभी की निगाहें बेहला हादसे पर टिकी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने से विभागीय अभियंता पर कार्रवाई हो गई, जिससे मानक की अनदेखी की पुष्टि भी हुई है।
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राहगीर संतोष कुमार, प्रमोद, राहुल व विजय आदि का कहना है कि निर्माण स्थल के दूसरी ओर से भी वैकल्पिक मार्ग निकाला जा सकता था, जहां किसी प्रकार की विद्युत लाइन नहीं है। हालांकि वहां अधिक भराई और समतलीकरण की जरूरत थी। आरोप है कि अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए ठेकेदार ने आसान रास्ता चुना और हाईटेंशन लाइन के नीचे से ही आवागमन शुरू करा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालक बिजली तारों की ऊंचाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। भारी वाहन गुजरते समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी की ओर से न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार के अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसी निर्माणाधीन पुल के पास हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रहे सिद्धार्थनगर निवासी युवक शुभांकर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में अब नई लापरवाही सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाहियों को गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार राकेश पांडेय के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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ऊंची पहुंच से ठेकेदार करता है मनमानी
देवीपाटन मंडल का बहुचर्चित ठेकेदार राकेश पांडेय अपनी ऊंची पहुंच का रौब गालिब करता है। बेलहा के तौफीक बताते हैं उनके सामने की जेई ने ठेकेदार के मुंशी को हिदायत दी थी कि डायवर्जन दक्षिण दिशा में बनाएं। यह हाईटेंशन की तार के नीचे है लेकिन बात नहीं मानी। जेई भी मौके से चले गए। चर्चा है कि राजनीतिक रसूख के साथ ही लोक निर्माण विभाग में गहरी पैठ से ठेकेदार हमेशा बड़े काम हथियाता है। इसकी शिकायत भी बीते दिनों हुई थी और मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आदेश पर जांच हुई। उस समय भी बहराइच का एक टेंडर निरस्त हुआ था और गोंडा के एक एक्सईन का तबादला हुआ था। लेकिन ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सभी की निगाहें बेहला हादसे पर टिकी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने से विभागीय अभियंता पर कार्रवाई हो गई, जिससे मानक की अनदेखी की पुष्टि भी हुई है।
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