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Balrampur News: दहेज प्रताड़ना का परिवाद खारिज
Sun, 30 Aug 2026 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:17 PM IST
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बलरामपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रेनू गौतम की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के आरोप से संबंधित परिवाद खारिज कर दिया। तरन्नुम ने मो. रऊफ समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज में पांच लाख रुपये की मांग को लेकर पिटाई और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। परिवादिनी ने अदालत में बयान दर्ज कराते हुए पति, सास, ससुर और ननदों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। हालांकि, परिवादिनी लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रही थी। अदालत ने कहा कि धारा 225 के तहत किसी गवाह का परीक्षण नहीं कराया गया।
दहेज उत्पीड़न और गर्भ में बच्चे की मौत के आरोप का परिवाद खारिज
बलरामपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रेनू गौतम की अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोप से संबंधित मीना देवी के परिवाद को खारिज कर दिया। मीना देवी ने पति रामशंकर समेत ससुराल पक्ष पर मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग पूरी न होने पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि सात माह की गर्भवती होने के दौरान उसके पेट पर पैर रखकर दबाया गया, जिससे गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, बाद में परिवादिनी लगातार अदालत में उपस्थित नहीं हुई। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में धारा 203 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत परिवाद खारिज कर दिया।
22 साल पुराने पिटाई के मामले में महिला दोषमुक्त
बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/द्रुतगामी न्यायालय मेघाली सिंह की अदालत ने करीब 22 साल पुराने पिटाई और गाली-गलौज के मामले में आरोपी वाहिदा खातून को दोषमुक्त कर दिया। मामला पचपेड़वा थाने में वर्ष 2004 में धारा 323, 325 और 504 के तहत दर्ज हुआ था। अभियोजन के अनुसार पीएफ के रुपये को लेकर विवाद में मारपीट और गाली-गलौज की गई थी। सुनवाई के दौरान वादी की मृत्यु हो गई, जबकि अभियोजन पक्ष ने घटना के समर्थन में कोई अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। अदालत ने कहा कि आरोपों को संदेह से परे साबित करने का भार अभियोजन पर है।
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जमानत पर जोर नहीं देने पर प्रार्थना पत्र निरस्त
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार की अदालत ने राम अचल यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। मामला थाना हरैया क्षेत्र से संबंधित है। 25 अगस्त को जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए पेश हुआ। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी पर जोर नहीं देने की बात कही और प्रार्थना पत्र पर नॉट प्रेस अंकित किया गया। इस पर अदालत ने जमानत पर बल न दिए जाने के कारण प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पर आरोप तय
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राहुल सिंह द्वितीय की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी रवि कुमार उर्फ बाड़की के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार सात जून 2026 को आरोपी ने 15 वर्ष सात माह की नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य भी किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया अपराध बनना पाया। आरोप पढ़कर सुनाए जाने पर आरोपी ने आरोपों से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की।
अपहरण और हत्या के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार द्वितीय की अदालत ने 12 वर्षीय राजकुमार के अपहरण और हत्या के मामले में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। गोंडा चौकी क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव निवासी दिनेश यादव, उमेश यादव और रमेश यादव पर हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अभियोजन के अनुसार सात मई को राजकुमार घर के पास खेलते समय लापता हो गया था। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला सामने आया। अभियोजन ने बताया कि आरोपी रमेश की निशानदेही पर लोहे की सरिया और ब्लेड बरामद हुए। अदालत ने अपराध की गंभीरता देखते हुए तीनों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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दहेज उत्पीड़न और गर्भ में बच्चे की मौत के आरोप का परिवाद खारिज
बलरामपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रेनू गौतम की अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोप से संबंधित मीना देवी के परिवाद को खारिज कर दिया। मीना देवी ने पति रामशंकर समेत ससुराल पक्ष पर मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग पूरी न होने पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि सात माह की गर्भवती होने के दौरान उसके पेट पर पैर रखकर दबाया गया, जिससे गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, बाद में परिवादिनी लगातार अदालत में उपस्थित नहीं हुई। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में धारा 203 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत परिवाद खारिज कर दिया।
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22 साल पुराने पिटाई के मामले में महिला दोषमुक्त
बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/द्रुतगामी न्यायालय मेघाली सिंह की अदालत ने करीब 22 साल पुराने पिटाई और गाली-गलौज के मामले में आरोपी वाहिदा खातून को दोषमुक्त कर दिया। मामला पचपेड़वा थाने में वर्ष 2004 में धारा 323, 325 और 504 के तहत दर्ज हुआ था। अभियोजन के अनुसार पीएफ के रुपये को लेकर विवाद में मारपीट और गाली-गलौज की गई थी। सुनवाई के दौरान वादी की मृत्यु हो गई, जबकि अभियोजन पक्ष ने घटना के समर्थन में कोई अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। अदालत ने कहा कि आरोपों को संदेह से परे साबित करने का भार अभियोजन पर है।
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जमानत पर जोर नहीं देने पर प्रार्थना पत्र निरस्त
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार की अदालत ने राम अचल यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। मामला थाना हरैया क्षेत्र से संबंधित है। 25 अगस्त को जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए पेश हुआ। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी पर जोर नहीं देने की बात कही और प्रार्थना पत्र पर नॉट प्रेस अंकित किया गया। इस पर अदालत ने जमानत पर बल न दिए जाने के कारण प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पर आरोप तय
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राहुल सिंह द्वितीय की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी रवि कुमार उर्फ बाड़की के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार सात जून 2026 को आरोपी ने 15 वर्ष सात माह की नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य भी किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया अपराध बनना पाया। आरोप पढ़कर सुनाए जाने पर आरोपी ने आरोपों से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की।
अपहरण और हत्या के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार द्वितीय की अदालत ने 12 वर्षीय राजकुमार के अपहरण और हत्या के मामले में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। गोंडा चौकी क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव निवासी दिनेश यादव, उमेश यादव और रमेश यादव पर हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अभियोजन के अनुसार सात मई को राजकुमार घर के पास खेलते समय लापता हो गया था। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला सामने आया। अभियोजन ने बताया कि आरोपी रमेश की निशानदेही पर लोहे की सरिया और ब्लेड बरामद हुए। अदालत ने अपराध की गंभीरता देखते हुए तीनों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।