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Balrampur News: प्रशिक्षकों की कमी से कुंद हो रही खिलाड़ियों की प्रतिभा
Sun, 06 Sep 2026 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:05 PM IST
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फोटो-16-बलरामपुर में स्थित स्पोटर्स स्टेडियम।-संवाद
बलरामपुर। जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम तो है, लेकिन खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने वाले विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की कमी उनकी राह में रोड़ा बनी हुई है। स्टेडियम में क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी के प्रशिक्षक तैनात नहीं हैं। इससे नियमित अभ्यास के लिए स्टेडियम पहुंचने वाले खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा खेलों में भविष्य बनाने का सपना लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं। खिलाड़ी मैदान पर घंटों पसीना बहाते हैं, लेकिन प्रशिक्षक के अभाव में उन्हें अपनी कमियों का पता नहीं चल पाता। अभ्यास के दौरान तकनीक, फिटनेस, रणनीति और खेल की बारीकियां समझने के लिए खिलाड़ियों को खुद ही प्रयास करना पड़ता है।
क्रिकेट खिलाड़ी मयंक और स्वदेश ने बताया कि सुविधाओं के साथ यदि नियमित रूप से प्रशिक्षक की तैनाती हो जाए तो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। तकनीक और फिटनेस की जानकारी मिलने से मंडल व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
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फुटबॉल खिलाड़ी राजू और पवन ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में खिलाड़ी फुटबॉल खेलते हैं, बावजूद इसके प्रशिक्षक की तैनाती नहीं है। समाजसेवी महेंद्र तिवारी और डॉ. बीआर चौरसिया ने कहा कि अच्छे प्रशिक्षकों की तैनाती होने से जिले की प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को पत्र लिखा गया है। प्रशिक्षकों की तैनाती होने से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
2.94 करोड़ से बढ़ाई जा रही सुविधाएं
स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने के लिए खेल निदेशालय की ओर से दो करोड़ 93 लाख 99 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि से स्टेडियम में खेल सुविधाओं को हाईटेक बनाया जाएगा। जूडो, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, हॉकी और हैंडबॉल से संबंधित आवश्यक खेल संसाधनों की खरीद की जाएगी।
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा खेलों में भविष्य बनाने का सपना लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं। खिलाड़ी मैदान पर घंटों पसीना बहाते हैं, लेकिन प्रशिक्षक के अभाव में उन्हें अपनी कमियों का पता नहीं चल पाता। अभ्यास के दौरान तकनीक, फिटनेस, रणनीति और खेल की बारीकियां समझने के लिए खिलाड़ियों को खुद ही प्रयास करना पड़ता है।
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क्रिकेट खिलाड़ी मयंक और स्वदेश ने बताया कि सुविधाओं के साथ यदि नियमित रूप से प्रशिक्षक की तैनाती हो जाए तो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। तकनीक और फिटनेस की जानकारी मिलने से मंडल व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
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फुटबॉल खिलाड़ी राजू और पवन ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में खिलाड़ी फुटबॉल खेलते हैं, बावजूद इसके प्रशिक्षक की तैनाती नहीं है। समाजसेवी महेंद्र तिवारी और डॉ. बीआर चौरसिया ने कहा कि अच्छे प्रशिक्षकों की तैनाती होने से जिले की प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को पत्र लिखा गया है। प्रशिक्षकों की तैनाती होने से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
2.94 करोड़ से बढ़ाई जा रही सुविधाएं
स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने के लिए खेल निदेशालय की ओर से दो करोड़ 93 लाख 99 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि से स्टेडियम में खेल सुविधाओं को हाईटेक बनाया जाएगा। जूडो, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, हॉकी और हैंडबॉल से संबंधित आवश्यक खेल संसाधनों की खरीद की जाएगी।