{"_id":"614e12068ebc3efacd4ed065","slug":"agricultur-balrampur-news-lko5971005184","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलवायु परिवर्तन के प्रति किसानों को किया गया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलवायु परिवर्तन के प्रति किसानों को किया गया जागरूक
विज्ञापन
फोटो-10-बलरामपुर के बेनीनगर गांव में कृषक गोष्ठी को संबोधित करते कृषि वैज्ञानिक डा. एसके वर्मा।(सं?
- फोटो : BALRAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा की तरफ से गैसड़ी ब्लाक के ग्राम पंचायत बेनीनगर में मौसम संबंधी कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करते हुए बदलते मौसम पर आधारित कृषि करने पर जोर दिया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने किसानों को आय संवर्धन में मौसम के महत्व पर जानकारी दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने किसानों को मौसम संबंधी जानकारी, मौसम पूर्वानुमान तथा फसलों से संबंधित सुझाव देकर मौसम में हो रहे निरंतर बदलाव व जलवायु परिवर्तन के प्रति किसानों को सचेत किया। इस दौरान किसानों को मौसम आधारित कृषि करने पर जोर दिया गया।
किसानों को मौसम तथा मौसम पूर्वानुमान के महत्व को बताते हुए फसलों पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों से बचाव के लिए अधिक वर्षा होने पर जलनिकास, वर्षा आधारित सिंचाई देना व रसायनों का छिड़काव करना आदि के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी के बाद किसानों को मत्स्य व गन्ने आदि के प्रक्षेत्र पर भ्रमण कर उनको अच्छी खेती करने के सुझाव भी दिए गए। इस अवसर पर केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. जगवीर सिंह, आरएस गंगवार, आशीष सिंह, जगराम, सुरेंद्र व मनीष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने किसानों को आय संवर्धन में मौसम के महत्व पर जानकारी दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने किसानों को मौसम संबंधी जानकारी, मौसम पूर्वानुमान तथा फसलों से संबंधित सुझाव देकर मौसम में हो रहे निरंतर बदलाव व जलवायु परिवर्तन के प्रति किसानों को सचेत किया। इस दौरान किसानों को मौसम आधारित कृषि करने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
किसानों को मौसम तथा मौसम पूर्वानुमान के महत्व को बताते हुए फसलों पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों से बचाव के लिए अधिक वर्षा होने पर जलनिकास, वर्षा आधारित सिंचाई देना व रसायनों का छिड़काव करना आदि के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी के बाद किसानों को मत्स्य व गन्ने आदि के प्रक्षेत्र पर भ्रमण कर उनको अच्छी खेती करने के सुझाव भी दिए गए। इस अवसर पर केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. जगवीर सिंह, आरएस गंगवार, आशीष सिंह, जगराम, सुरेंद्र व मनीष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन