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Balrampur News: 30 लाख से बनेगा 600 मीटर लंबा नया नाला
Thu, 24 Sep 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 24 Sep 2026 11:07 PM IST
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तुलसीपुर। वर्षों से हर बरसात में जलभराव की मार झेल रहे तुरंतपुर, लाल चौराहा और पुरानी बाजार क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। नगर पंचायत ने करीब 30 लाख रुपये की लागत से 600 मीटर लंबे नए नाले के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। कार्य शुरू होते ही इलाके की वर्षों पुरानी जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अदनान फिरोज ने बताया कि नए नाले को मिल चुंगी नाका से आने वाले मुख्य नाले से जोड़ते हुए हनुमानगढ़ी चौराहे के पास रेलवे के बड़े नाले तक पहुंचाया जाएगा। इस बार नाले की गहराई एक मीटर रखी गई है, ताकि अधिक पानी का बहाव भी आसानी से निकल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद तुरंतपुर, लाल चौराहा और पुरानी बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
साथ ही गंदे पानी के ठहराव से होने वाली जलजनित बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण मिलेगा। बताया कि हर मानसून में मिल चुंगी नाका, डिउहार बाबा के पास स्थित ऐतिहासिक तालाब और आसपास के क्षेत्र का पानी कम गहराई वाले पुराने नाले पर दबाव बढ़ा देता था। क्षमता कम होने के कारण पानी सड़कों और गलियों में भर जाता था, जिससे लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
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नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अदनान फिरोज ने बताया कि नए नाले को मिल चुंगी नाका से आने वाले मुख्य नाले से जोड़ते हुए हनुमानगढ़ी चौराहे के पास रेलवे के बड़े नाले तक पहुंचाया जाएगा। इस बार नाले की गहराई एक मीटर रखी गई है, ताकि अधिक पानी का बहाव भी आसानी से निकल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद तुरंतपुर, लाल चौराहा और पुरानी बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
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साथ ही गंदे पानी के ठहराव से होने वाली जलजनित बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण मिलेगा। बताया कि हर मानसून में मिल चुंगी नाका, डिउहार बाबा के पास स्थित ऐतिहासिक तालाब और आसपास के क्षेत्र का पानी कम गहराई वाले पुराने नाले पर दबाव बढ़ा देता था। क्षमता कम होने के कारण पानी सड़कों और गलियों में भर जाता था, जिससे लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
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