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Balrampur News: राप्ती नदी की कटान में विलीन हो गया 300 मीटर भड़रिया बांध
Fri, 04 Apr 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 04 Apr 2025 12:00 AM IST
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बलरामपुर/उतरौला। राप्ती नदी की कटान में 300 मीटर बलरामपुर-भड़रिया तटबंध समा चुका है। लालनगर बिरादा से मिलौली बाघाजोत गांव तक बरसात में राप्ती नदी तेजी से कटान कर कहर बरपाती है। बरसात शुरू होते ही आसपास के 20 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगता है। बाढ़ बचाव के इंतजाम को लेकर ग्रामीणोंं का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। यदि बरसात से पहले बांध मरम्मत न हुई तो राप्ती नदी एक बार फिर तबाही मचाएगी।
राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का कहर हर वर्ष सबसे अधिक उतरौला तहसील के लोगों को ही भुगतना पड़ता है। क्षेत्रवासी अशर्फी लाल, राम बहादुर व मोहम्मद अहमद ने बताया कि लालनगर व मिलौली बाघाजोत गांव के बीच करीब 300 मीटर बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को दो वर्ष पहले राप्ती नदी की कटान निगल चुकी है। तटबंध राप्ती नदी की धारा में समाहित हो गया है। तटबंध कट जाने से लालनगर, बिरदा बनिया भारी, केवटली, मोहनजोत, मिलौली, बाघाजोत, गुरदयालडीह, महुवाधनी, पालपुर व पाली सहित क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है।
राप्ती नदी की कटान से कई गांवों की जमीन दूसरी तरफ हो गई, जिससे 10 किलोमीटर का चक्कर काटकर खेत तक जाना पड़ता है। यदि बरसात से पहले बलरामपुर-भड़रिया तटबंध मरम्मत न हुई तो गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा बढ़ेगा। (संवाद)
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अभी तक नहीं शुरु कराया गया कार्य
क्षेत्रवासी बशीर, सुखराम, हीरालाल, घनश्याम, दिनेश कुमार, मेराज अहमद व रमेश कुमार बताते हैं कि कई बार राप्ती नदी की कटान से प्रभावित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन अभी तक मरम्मत का कार्य शुरु नहीं हुआ है। यदि बरसात से पहले बलरामपुर-भड़रिया तटबंध पर कटान वाले स्थल की मरम्मत न हुई तो 20 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी की बाढ़ व कटान का कहर टूटेगा।
एसडीएम उतरौला राजेंद्र बहादुर ने बताया कि उतरौला ब्लॉक के लालनगर बिरादा से मिलौली बाघाजोत गांव तक बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को राप्ती नदी की कटान से प्रभावित कर दिया है। इस स्थल पर मरम्मत कराने के लिए क्षेत्रवासियों ने प्रार्थना पत्र दिया है। राप्ती नदी की कटान से क्षतिग्रस्त बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की मरम्मत का प्रस्ताव बाढ़ खंड के इंजीनियरों से तैयार कराया जा रहा है। शासन से बजट मिलने के बाद बाढ़ खंड के माध्यम से कार्य कराया जाएगा।
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राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का कहर हर वर्ष सबसे अधिक उतरौला तहसील के लोगों को ही भुगतना पड़ता है। क्षेत्रवासी अशर्फी लाल, राम बहादुर व मोहम्मद अहमद ने बताया कि लालनगर व मिलौली बाघाजोत गांव के बीच करीब 300 मीटर बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को दो वर्ष पहले राप्ती नदी की कटान निगल चुकी है। तटबंध राप्ती नदी की धारा में समाहित हो गया है। तटबंध कट जाने से लालनगर, बिरदा बनिया भारी, केवटली, मोहनजोत, मिलौली, बाघाजोत, गुरदयालडीह, महुवाधनी, पालपुर व पाली सहित क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है।
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राप्ती नदी की कटान से कई गांवों की जमीन दूसरी तरफ हो गई, जिससे 10 किलोमीटर का चक्कर काटकर खेत तक जाना पड़ता है। यदि बरसात से पहले बलरामपुर-भड़रिया तटबंध मरम्मत न हुई तो गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा बढ़ेगा। (संवाद)
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अभी तक नहीं शुरु कराया गया कार्य
क्षेत्रवासी बशीर, सुखराम, हीरालाल, घनश्याम, दिनेश कुमार, मेराज अहमद व रमेश कुमार बताते हैं कि कई बार राप्ती नदी की कटान से प्रभावित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन अभी तक मरम्मत का कार्य शुरु नहीं हुआ है। यदि बरसात से पहले बलरामपुर-भड़रिया तटबंध पर कटान वाले स्थल की मरम्मत न हुई तो 20 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी की बाढ़ व कटान का कहर टूटेगा।
एसडीएम उतरौला राजेंद्र बहादुर ने बताया कि उतरौला ब्लॉक के लालनगर बिरादा से मिलौली बाघाजोत गांव तक बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को राप्ती नदी की कटान से प्रभावित कर दिया है। इस स्थल पर मरम्मत कराने के लिए क्षेत्रवासियों ने प्रार्थना पत्र दिया है। राप्ती नदी की कटान से क्षतिग्रस्त बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की मरम्मत का प्रस्ताव बाढ़ खंड के इंजीनियरों से तैयार कराया जा रहा है। शासन से बजट मिलने के बाद बाढ़ खंड के माध्यम से कार्य कराया जाएगा।