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Balrampur News: मासूम से यौन शोषण के दोषी को 20 वर्ष की सजा
Thu, 30 Jan 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 30 Jan 2025 12:37 AM IST
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बलरामपुर। मासूम बच्ची से यौन शोषण के दोषी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट दीपनरायन तिवारी ने 11 कार्यदिवसों में प्रतिदिन सुनवाई कर सजा सुनाई है। उन्होंने दोषी मालिक राम को 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है। अर्थदंड न जमा करने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है।
गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 29 दिसंबर, 2024 को दोपहर दो बजे छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण की घटना हुई थी। मासूम के पिता ने थाने में इसको लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना में पीड़िता व उनके परिजनों के बयान व डाक्टरी परीक्षण के आधार पर मालिकराम के खिलाफ आरोपपत्र 15वें दिन 13 जनवरी, 2025 को दाखिल किया। न्यायालय ने भी तत्परता से सुनवाई शुरू की।
प्रत्येक कार्यदिवस पर न्यायालय ने मामले की सुनवाई की। सरकारी अधिवक्ता ने 10 गवाह पेश किए और बचाव पक्ष की ओर से भी दो गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने मामले को गंभीर माना और दलीलों को सुनने के बाद कड़ी सजा सुनाई।
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मासूम को सांस लेने में हो गई थी समस्या
मासूम से यौन शोषण के मामले की विवेचना करने वाले गौरा चौराहा के थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि घटना बहुत ही गंभीर प्रवृत्ति की थी। बताया कि मासूम अपने घर के पास स्थित चाराघन्नी यानि भुसैला में कुत्ते के बच्चों के साथ खेल रही थी। उसी समय मालिक राम पहुंचा और मासूम का यौन शोषण किया। उसकी हरकत से मासूम के गले में संक्रमण हो गया था, उसे सांस लेने में कई दिनों तक दिक्कत रही। उन्होंने विवेचना में 10 गवाहों के बयान लिए, मौके से साक्ष्य भी जुटाए। इसके बाद तेजी से विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया।
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गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 29 दिसंबर, 2024 को दोपहर दो बजे छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण की घटना हुई थी। मासूम के पिता ने थाने में इसको लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना में पीड़िता व उनके परिजनों के बयान व डाक्टरी परीक्षण के आधार पर मालिकराम के खिलाफ आरोपपत्र 15वें दिन 13 जनवरी, 2025 को दाखिल किया। न्यायालय ने भी तत्परता से सुनवाई शुरू की।
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प्रत्येक कार्यदिवस पर न्यायालय ने मामले की सुनवाई की। सरकारी अधिवक्ता ने 10 गवाह पेश किए और बचाव पक्ष की ओर से भी दो गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने मामले को गंभीर माना और दलीलों को सुनने के बाद कड़ी सजा सुनाई।
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मासूम को सांस लेने में हो गई थी समस्या
मासूम से यौन शोषण के मामले की विवेचना करने वाले गौरा चौराहा के थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि घटना बहुत ही गंभीर प्रवृत्ति की थी। बताया कि मासूम अपने घर के पास स्थित चाराघन्नी यानि भुसैला में कुत्ते के बच्चों के साथ खेल रही थी। उसी समय मालिक राम पहुंचा और मासूम का यौन शोषण किया। उसकी हरकत से मासूम के गले में संक्रमण हो गया था, उसे सांस लेने में कई दिनों तक दिक्कत रही। उन्होंने विवेचना में 10 गवाहों के बयान लिए, मौके से साक्ष्य भी जुटाए। इसके बाद तेजी से विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया।