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Ballia News: एफसीआई के विभिन्न डिपो में नियुक्ति का श्रमिकों का इंतजार

Mon, 10 Aug 2026 11:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:11 PM IST
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Workers await deployment at various FCI depots.
बलिया। भारतीय खाद्य निगम श्रमिक संगठन 8395 ने एफसीआई के विभिन्न डिपो में वर्षों से नियुक्ति की बाट जोह रहे श्रमिकों का मामला उठाया है।
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इसको लेकर नगर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार यादव और महामंत्री बृज कुमार साहनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले में 67 पन्नों की रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी 10 जून 2026 को संबंधित मंत्रालय को पत्र भेजकर न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
संगठन के अनुसार शाहजहांपुर डिपो के 261 श्रमिकों समेत रोजा, डिपो 378 और तालकटोरा के श्रमिक नियुक्ति व समान वेतन की मांग कर रहे हैं। सीजीआईटी कोर्ट लखनऊ ने 19 जनवरी 2015 को शाहजहांपुर डिपो के 262 श्रमिकों को विभागीय बनाने और डिपार्टमेंटल डिपो के समान वेतन का आदेश दिया था। एफसीआई की रिट याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नवंबर 2018 को निरस्त कर श्रमिकों के पक्ष में आदेश दिया।
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संगठन ने बताया कि पीएमओ की पहल पर एफसीआई के अन्य डिपो से भी रिपोर्ट मांगी गई, जिसके बाद 67 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट पीएमओ को सौंपी गई। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), देहरादून कार्यालय ने भी 29 जनवरी 2026 को एफसीआई प्रबंधन को 19 फरवरी को संयुक्त चर्चा के लिए बुलाया था। संगठन का दावा है कि वर्ष 2011 में गोंडा के 260 श्रमिकों की नियुक्ति हो गई, लेकिन शाहजहांपुर के 261 श्रमिक अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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संगठन ने शाहजहांपुर, रोजा, डिपो 378 व तालकटोरा समेत सभी डिपो के श्रमिकों को तत्काल नियुक्ति पत्र, कोर्ट के आदेश के अनुसार बकाया समेत समान वेतन और 23 अप्रैल 2010 की अधिसूचना के अनुसार ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। विनय कुमार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं रिपोर्ट मंगाई है और पीएमओ श्रमिकों के पक्ष में है। बृज कुमार साहनी ने कहा कि गृह मंत्रालय और पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद एफसीआई प्रबंधन के पास न्यायालय के आदेश नहीं मानने का कोई बहाना नहीं बचा है।
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