{"_id":"575af9f04f1c1b9c0c9c55fa","slug":"water-being-taken-in-negligence","type":"story","status":"publish","title_hn":"फटी हुई पाइप, बदहाल टंकियां...क्यों न हों रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फटी हुई पाइप, बदहाल टंकियां...क्यों न हों रोग
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
जलापूर्ति में बरती जा रही लापरवाही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर में प्रदूषित पानी की वजह से डायरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका है। कारण की नगरपालिका द्वारा टंकियों की साफ-सफाई में लापरवाही बरती जाती है। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति के पानी का पाईप कहीं-कहीं टूटकर रिसता रहता है । जिससे पानी दूषित हो जाता है।
2011 की जनगणना के मुताबिक नगर की आबादी करीब एक लाख है। जिसमें कुल करीब 25 मोहल्ले हैं। शायद ही कोई मोहल्ला होगा जिसमें नगरपालिका परिषद द्वारा टंकियों से आपूर्ति होने वाला पेयजल दूषित न होता हो। दूषित जल का मुख्य कारण नियम के मुताबिक निर्धारित समय पर पानी टंकियों की सफाई न करना और उसमें पानी को शुद्ध करने वाली दवाएं न डालना है। साथ ही पेयजलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप नालियों से गुजरती है और जहां तहां फटने के कारण वहां से दूषित होकर लोगों के घरों तक पहुंचता है।
शुद्ध पेयजल के लिए अक्सर लोग सड़क पर उतरते रहते हैं। साथ ही उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत भी करते हैं। लेकिन अधिकारियों से आश्वासन के सिवाय और कुछ नहीं मिलता। ऐसे में नगरवासी दूषित जल पीने के लिए बाध्य होते हैं। जिसके कारण अक्सर नगर के बाशिंदे जल जनित रोगों से पीड़ित होते रहते हैं। कभी-कभी ज्यादा लोगों का ज्यादा दबाव पड़ने पर विभाग सफाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
2011 की जनगणना के मुताबिक नगर की आबादी करीब एक लाख है। जिसमें कुल करीब 25 मोहल्ले हैं। शायद ही कोई मोहल्ला होगा जिसमें नगरपालिका परिषद द्वारा टंकियों से आपूर्ति होने वाला पेयजल दूषित न होता हो। दूषित जल का मुख्य कारण नियम के मुताबिक निर्धारित समय पर पानी टंकियों की सफाई न करना और उसमें पानी को शुद्ध करने वाली दवाएं न डालना है। साथ ही पेयजलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप नालियों से गुजरती है और जहां तहां फटने के कारण वहां से दूषित होकर लोगों के घरों तक पहुंचता है।
विज्ञापन
शुद्ध पेयजल के लिए अक्सर लोग सड़क पर उतरते रहते हैं। साथ ही उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत भी करते हैं। लेकिन अधिकारियों से आश्वासन के सिवाय और कुछ नहीं मिलता। ऐसे में नगरवासी दूषित जल पीने के लिए बाध्य होते हैं। जिसके कारण अक्सर नगर के बाशिंदे जल जनित रोगों से पीड़ित होते रहते हैं। कभी-कभी ज्यादा लोगों का ज्यादा दबाव पड़ने पर विभाग सफाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर देता है।
विज्ञापन