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हारे प्रत्याशियों पर फिर सपा का दांव
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:10 PM IST
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अंबिका चौधरी
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जनपद के फेफना और रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में सपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में हारे उम्मीदवारों पर ही फिर से दांव लगाया है। सपा उम्मीदवारों की सूची जारी होने से राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है। वहीं हारे प्रत्याशियों को एक बार फिर टिकट मिलने से राजनीतिक पंडित हैरत में हैं, वहीं सपा कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के समर्थकों में खुशी की लहर है।
सपा के हारे प्रत्याशियों को उनका सम्मान वापस दिलाने के लिए पार्टी प्रमुख ने एक बार फिर उन्हीं को टिकट दिया है। ऐसे में जीते उम्मीदवार फिलहाल सुरक्षित हैं और हारे उम्मीदवारों को टिकट मिलने से अब सपा में एक भी चेहरा नया नहीं है। ऐसे में सपा के एक और कद्दावर नेता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम पर एक नजर डालें तो फेफना के बीजेपी प्रत्याशी उपेंद्र तिवारी ने यहां से 51,151 वोट पाकर विजय हासिल की थी। दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी अंबिका चौधरी को 43,764 मत मिले थे।
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इससे इतर रसड़ा में जो परिणाम आया था, वह वास्तव में चौंकाने वाला था। क्योंकि यहां पहली बार विधायक का चुनाव लड़ने वाले बसपा के उमाशंकर सिंह ने सबको चारों खाने चित कर दिया था। बसपा प्रत्याशी उमाशंकर सिंह ने पहली ही बार में 84,436 वोट पाकर रिकार्ड जीत कायम की थी। इसी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक सनातन पांडेय को मात्र 31,611 मतों से संतोष करना पड़ा था।
जीत-हार का फासला इतना था कि यहां सपा खेमे में खलबली मच गई थी। इस बार सपा एक बार फिर हारे प्रत्याशियों पर दांव लगाई है। अब देखना यह है कि यह दोनों प्रत्याशी अपने हुक्मरानों की उम्मीद और विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं।
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सपा के हारे प्रत्याशियों को उनका सम्मान वापस दिलाने के लिए पार्टी प्रमुख ने एक बार फिर उन्हीं को टिकट दिया है। ऐसे में जीते उम्मीदवार फिलहाल सुरक्षित हैं और हारे उम्मीदवारों को टिकट मिलने से अब सपा में एक भी चेहरा नया नहीं है। ऐसे में सपा के एक और कद्दावर नेता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम पर एक नजर डालें तो फेफना के बीजेपी प्रत्याशी उपेंद्र तिवारी ने यहां से 51,151 वोट पाकर विजय हासिल की थी। दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी अंबिका चौधरी को 43,764 मत मिले थे।
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इससे इतर रसड़ा में जो परिणाम आया था, वह वास्तव में चौंकाने वाला था। क्योंकि यहां पहली बार विधायक का चुनाव लड़ने वाले बसपा के उमाशंकर सिंह ने सबको चारों खाने चित कर दिया था। बसपा प्रत्याशी उमाशंकर सिंह ने पहली ही बार में 84,436 वोट पाकर रिकार्ड जीत कायम की थी। इसी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक सनातन पांडेय को मात्र 31,611 मतों से संतोष करना पड़ा था।
जीत-हार का फासला इतना था कि यहां सपा खेमे में खलबली मच गई थी। इस बार सपा एक बार फिर हारे प्रत्याशियों पर दांव लगाई है। अब देखना यह है कि यह दोनों प्रत्याशी अपने हुक्मरानों की उम्मीद और विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं।