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फिर जगी नगर पालिका के सीमा विस्तार की आस
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बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार की आस फिर जगी है। जनगणना के मद्देनजर राज्य की प्रशासनिक इकाइयों के सीमा विस्तार पर लगी रोक शासन ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में हटा लिया है। इसके बाद एक बार फिर फाइलों को सहेजने में नगरपालिका के अधिकारी जुट गए हैं। सब ठीक रहा तो दिसंबर 2021 से पहले सीमा विस्तार पर शासन की मुहर लग सकती है। संभावना है कि सीमा विस्तार में नगर से सटे 27 गांव पालिका का हिस्सा बन जाएंगे।
पिछले वर्ष शासन ने 31 दिसंबर तक प्रशासनिक इकाइयों के सीमा विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने की मंशा जताई थी। दिसंबर में अनंतिम गजट का प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन फाइल बीच में ही रुक गई। शुरूआती प्रस्ताव, संशोधनों व आपत्तियों के निस्तारण के बाद कुल 27 गांवों को नगर पालिका बलिया में शामिल करने का प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा जा चुका है। नगर पालिका सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है।
सात वर्ष अटकी है फाइल, शासनादेश के बाद जगी आस
बलिया। करीब सात साल पूर्व वर्ष 2014 में नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार के लिए कवायद शुरू हुई थी, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक अधर में लटकी पड़ी है। नगर से सटे 27 गांवों को शहर में तब्दील कर उसे नपा द्वारा अधिग्रहित करने का क्रम आज भी अपने अंजाम की बांट जोह रहा है। हालांकि इसके लिए योगी सरकार के मंत्री से लगायत भाजपा के जिलाध्यक्ष ने भी पहल की थी, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा, जिससे नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार की आस अधर में में लटकी पड़ी है। अब जब शासन ने सीमा विस्तार की डेडलाइन तय कर दी है तो एक बार फिर नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार आस जगी है।
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इन गांवों तक होगा विस्तार
नगर पालिका बोर्ड द्वारा शासन को प्रेषित पत्र के अनुसार नगर क्षेत्र की सीमा से सटे ग्राम पंचायत जमुआ, सहोदरा, माफी पीपरा, अगरसण्डा, मुर्की, सरफूद्दीन, बहेरी, माल्देपुर, निधरिया, जमालपुर, सोनाडाबर, बहादुरपुर, तिखमपुर, पटखौली, परिखरा, उमरगंज, हैबतपुर, जमुआ गोपालपुर, रामपुर महावल, रघुनाथपुर टकरसन, मझौली, मुतलके यारपुर, अमृतपाली, परमनंदापुर, सहरसपाली, हनुमानगंज और शंकरपुर शामिल है, जहां शहरी लक्षण विद्यमान है तथा इनमें नागरिक सुविधाएं प्रदान करना जनहित में आवश्यक बताया गया है।
शासन की स्वीकृति के बाद होगा नोटिफिकेशन
बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन के अनुमोदन की मुहर लगते ही नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार की कवायद आरंभ हो जाएगी, जिसके तहत उपजिलाधिकारी सदर की ओर से नोटिफिकेशन कर नागरिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद एसडीएम सदर द्वारा आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद सीमा विस्तार को अंतिम रुप दिया जाएगा।
मंजूरी मिलने के बाद भंग हो जाएगी ग्राम पंचायतें
जिन 27 गांवों का द्वारा अधिग्रहित करने का प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। उसे मंजूरी मिलने और सीमा विस्तार की कवायद पूरी होते ही वहां कार्यरत ग्राम पंचायतों का अस्तित्व स्वत: समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वहां के नागरिक अपने प्रतिनिधि के तौर पर सभासद और और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे।
शासनादेश के निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रस्तावित सीमा विस्तार का प्रस्ताव तथा वर्तमान क्षेत्र तथा प्रस्तावित क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है, अनुमति प्राप्त होते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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पिछले वर्ष शासन ने 31 दिसंबर तक प्रशासनिक इकाइयों के सीमा विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने की मंशा जताई थी। दिसंबर में अनंतिम गजट का प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन फाइल बीच में ही रुक गई। शुरूआती प्रस्ताव, संशोधनों व आपत्तियों के निस्तारण के बाद कुल 27 गांवों को नगर पालिका बलिया में शामिल करने का प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा जा चुका है। नगर पालिका सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है।
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सात वर्ष अटकी है फाइल, शासनादेश के बाद जगी आस
बलिया। करीब सात साल पूर्व वर्ष 2014 में नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार के लिए कवायद शुरू हुई थी, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक अधर में लटकी पड़ी है। नगर से सटे 27 गांवों को शहर में तब्दील कर उसे नपा द्वारा अधिग्रहित करने का क्रम आज भी अपने अंजाम की बांट जोह रहा है। हालांकि इसके लिए योगी सरकार के मंत्री से लगायत भाजपा के जिलाध्यक्ष ने भी पहल की थी, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा, जिससे नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार की आस अधर में में लटकी पड़ी है। अब जब शासन ने सीमा विस्तार की डेडलाइन तय कर दी है तो एक बार फिर नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार आस जगी है।
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इन गांवों तक होगा विस्तार
नगर पालिका बोर्ड द्वारा शासन को प्रेषित पत्र के अनुसार नगर क्षेत्र की सीमा से सटे ग्राम पंचायत जमुआ, सहोदरा, माफी पीपरा, अगरसण्डा, मुर्की, सरफूद्दीन, बहेरी, माल्देपुर, निधरिया, जमालपुर, सोनाडाबर, बहादुरपुर, तिखमपुर, पटखौली, परिखरा, उमरगंज, हैबतपुर, जमुआ गोपालपुर, रामपुर महावल, रघुनाथपुर टकरसन, मझौली, मुतलके यारपुर, अमृतपाली, परमनंदापुर, सहरसपाली, हनुमानगंज और शंकरपुर शामिल है, जहां शहरी लक्षण विद्यमान है तथा इनमें नागरिक सुविधाएं प्रदान करना जनहित में आवश्यक बताया गया है।
शासन की स्वीकृति के बाद होगा नोटिफिकेशन
बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन के अनुमोदन की मुहर लगते ही नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार की कवायद आरंभ हो जाएगी, जिसके तहत उपजिलाधिकारी सदर की ओर से नोटिफिकेशन कर नागरिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद एसडीएम सदर द्वारा आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद सीमा विस्तार को अंतिम रुप दिया जाएगा।
मंजूरी मिलने के बाद भंग हो जाएगी ग्राम पंचायतें
जिन 27 गांवों का द्वारा अधिग्रहित करने का प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। उसे मंजूरी मिलने और सीमा विस्तार की कवायद पूरी होते ही वहां कार्यरत ग्राम पंचायतों का अस्तित्व स्वत: समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वहां के नागरिक अपने प्रतिनिधि के तौर पर सभासद और और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे।
शासनादेश के निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रस्तावित सीमा विस्तार का प्रस्ताव तथा वर्तमान क्षेत्र तथा प्रस्तावित क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है, अनुमति प्राप्त होते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बलिया।