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महिलाएं थाली लेकर पहुंची ग्राहक सेवा केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:10 AM IST
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भारतीय स्टेट बैंक द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केंद्र सुरेमनपुर नरायनपुर से पिछले दो सप्ताह से लोगों को पैसे नहीं मिल रहे हैं। इस बात से नाराज लोग मंगलवार को थाली लेकर केंद्र पर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने बैंक के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
उपभोक्ताओं ने बताया कि बैंक में पैसे लेने आने पर बैंक कर्मचारी टालमटोल करते हैं। कहा कि केंद्र से दो कोड का हाथ से लिखा पासबुक मिलता है। जबकि बैंक पासबुक ले जाने पर यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पैसा दुबहर शाखा से मिलेगा।
लेकिन दुबहर जाने पर ग्राहक सेवा केंद्र कर्मचारी कहते हैं कि अगर खाता सुरेमनपुर का है तो उसी केंद्र से पैसा मिलेगा। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राहक सेवा केंद्र दूसरे गांव के नाम से चलाया जाता है। कुछ भी पूछने पर बैंक कर्मचारी ठीक से जवाब नहीं देते। कहा कि यदि शीघ्र केंद्र में किए गए जमा पैसे की निकासी नहीं की गई तो डीएम का घेराव किया जाएगा।
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क्षेत्र के श्री भगवान गुप्त, पंकज पाठक, मनकिया देवी, सुनीता देवी आदि लोगों ने बताया कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद क्षेत्रीय ग्राहकों का एक भी रुपया ग्राहक सेवा केंद्र में नहीं जमा किया गया। वहीं बीते 15 दिनों से बैंक के फाटक ही नहीं खुले। इस बाबत भारतीय स्टेट बैंक बलिया के क्षेत्रीय प्रबंधक एएस पाल ने बताया कि प्रत्येक ग्राहक सेवा केंद्र को 50 हजार प्रतिदिन दिया जाता है।
कहा कि हाथ से पासबुक लिखने का अधिकार किसी भी बैंक अधिकारी को नहीं है। कहा कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। कोई भी कर्मचारी अगर दोषी पाया जाता है तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कहा दूसरे गांव के कोड पर दूसरी जगह ग्राहक सेवा केंद्र नहीं चलाया जा सकता है।
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उपभोक्ताओं ने बताया कि बैंक में पैसे लेने आने पर बैंक कर्मचारी टालमटोल करते हैं। कहा कि केंद्र से दो कोड का हाथ से लिखा पासबुक मिलता है। जबकि बैंक पासबुक ले जाने पर यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पैसा दुबहर शाखा से मिलेगा।
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लेकिन दुबहर जाने पर ग्राहक सेवा केंद्र कर्मचारी कहते हैं कि अगर खाता सुरेमनपुर का है तो उसी केंद्र से पैसा मिलेगा। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राहक सेवा केंद्र दूसरे गांव के नाम से चलाया जाता है। कुछ भी पूछने पर बैंक कर्मचारी ठीक से जवाब नहीं देते। कहा कि यदि शीघ्र केंद्र में किए गए जमा पैसे की निकासी नहीं की गई तो डीएम का घेराव किया जाएगा।
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क्षेत्र के श्री भगवान गुप्त, पंकज पाठक, मनकिया देवी, सुनीता देवी आदि लोगों ने बताया कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद क्षेत्रीय ग्राहकों का एक भी रुपया ग्राहक सेवा केंद्र में नहीं जमा किया गया। वहीं बीते 15 दिनों से बैंक के फाटक ही नहीं खुले। इस बाबत भारतीय स्टेट बैंक बलिया के क्षेत्रीय प्रबंधक एएस पाल ने बताया कि प्रत्येक ग्राहक सेवा केंद्र को 50 हजार प्रतिदिन दिया जाता है।
कहा कि हाथ से पासबुक लिखने का अधिकार किसी भी बैंक अधिकारी को नहीं है। कहा कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। कोई भी कर्मचारी अगर दोषी पाया जाता है तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कहा दूसरे गांव के कोड पर दूसरी जगह ग्राहक सेवा केंद्र नहीं चलाया जा सकता है।