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पर्यावरण से जीवन का अटूट संबंध
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sun, 05 Jun 2016 10:19 PM IST
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राज्य ललित कला अकादमी के तत्वावधान में चल रहे चित्रकला समर कैंप विश्व पर्यावरण दिवस पर पोस्टर बनाकर दिखाते छात्र।
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पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। फिर भी हमें अलग से यह दिवस मनाकर पर्यावरण के संरक्षण संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता है। रविवार को इसके उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने इसके महत्व को रेखांकित किया।
छात्रहित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले नगर के हल्दी कोठी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मिंटू खान ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टाकहोम (स्वीडन) में विश्वभर के देशों का पहले पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें 119 देशों ने भाग लिया और पहली बार एक ही पृथ्वी का सिद्धांत मान्य किया। इसी सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम यूएनईपी का जन्म हुआ तथा प्रतिवर्ष पांच जून को पर्यावरण दिवस आयोजित कर नागरिकों की प्रदूषण की समस्या से अवगत कराने का निश्चय किया गया। उक्त गोष्ठी में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव विषय पर व्यख्यान दिया था। इस मौके पर अजीत, अमित, अमजद, इबरार, मेराज, मायकल आदि रहे।
बांसडीहरोड प्रतिनिधि के अनुसार: क्षेत्र के छाता रेंज के प्रांगण में रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान विनोद सिंह ने पौध रोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बिहारी सिंह, छोटेलाल, क्षेत्रीय वन दारोगा सुशील कुमार आदि मौजूद रहे। बेल्थरारोड प्रतिनिधि के अनुसार: यादव युवा मंच के तत्वावधान में रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कृषि मंडी परिसर में पौध रोपण किया गया।मुख्य अतिथि जन जागरण कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मदेव यादव ने पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया।
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मनियर प्रतिनिधि के अनुसार: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को पुस्तकालय परिसर में पर्यावरण से संबंधित बाल प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न श्रेणियों में 50 बच्चों ने भाग लिया। तत्पश्चात कनिष्ठ वर्ग के लिए वृक्षों का महत्व और वरिष्ठ वर्ग के लिए जल संरक्षण समस्या का निदान विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आशु, दीपा, निशू, प्रशंसा, अनीस प्रजापति आदि बच्चों ने इस दौरान स्वचारित बाल कविता का पाठ किया। पुस्तकालय की ओर से विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनिल, युवराज, सुंदरम, दीक्षा, प्रशंसा, मिथिलेश, अनिल को कापियों का प्रमाणपत्र दे सम्मानित किया गया।
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छात्रहित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले नगर के हल्दी कोठी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मिंटू खान ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टाकहोम (स्वीडन) में विश्वभर के देशों का पहले पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें 119 देशों ने भाग लिया और पहली बार एक ही पृथ्वी का सिद्धांत मान्य किया। इसी सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम यूएनईपी का जन्म हुआ तथा प्रतिवर्ष पांच जून को पर्यावरण दिवस आयोजित कर नागरिकों की प्रदूषण की समस्या से अवगत कराने का निश्चय किया गया। उक्त गोष्ठी में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव विषय पर व्यख्यान दिया था। इस मौके पर अजीत, अमित, अमजद, इबरार, मेराज, मायकल आदि रहे।
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बांसडीहरोड प्रतिनिधि के अनुसार: क्षेत्र के छाता रेंज के प्रांगण में रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान विनोद सिंह ने पौध रोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बिहारी सिंह, छोटेलाल, क्षेत्रीय वन दारोगा सुशील कुमार आदि मौजूद रहे। बेल्थरारोड प्रतिनिधि के अनुसार: यादव युवा मंच के तत्वावधान में रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कृषि मंडी परिसर में पौध रोपण किया गया।मुख्य अतिथि जन जागरण कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मदेव यादव ने पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया।
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मनियर प्रतिनिधि के अनुसार: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को पुस्तकालय परिसर में पर्यावरण से संबंधित बाल प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न श्रेणियों में 50 बच्चों ने भाग लिया। तत्पश्चात कनिष्ठ वर्ग के लिए वृक्षों का महत्व और वरिष्ठ वर्ग के लिए जल संरक्षण समस्या का निदान विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आशु, दीपा, निशू, प्रशंसा, अनीस प्रजापति आदि बच्चों ने इस दौरान स्वचारित बाल कविता का पाठ किया। पुस्तकालय की ओर से विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनिल, युवराज, सुंदरम, दीक्षा, प्रशंसा, मिथिलेश, अनिल को कापियों का प्रमाणपत्र दे सम्मानित किया गया।