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Ballia News: स्टीमर पर बैठाने की क्षमता 40, सवारी भर रहे 130
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खरीद दरौली के मध्य सरयू नदी पर अब तक पीपा पुल नहीं बनने से हर रोज सैकड़ों लोग जिंदगी दांव पर लगा कर नदी पार कर रहे हैं। हालत यह है कि कम क्षमता के स्टीमर में दर्जनों मोटर साइकिल और गाय भैंसों के साथ बड़ी संख्या में लोग सवार होकर सरयू नदी को पार करते हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि इन स्टीमरों की अधिकतम क्षमता 40 है लेकिन एक बार में 130 से 150 लोगों को बैठाया जा रहा है। यह सभी स्टीमर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
वहीं सब कुछ जानकर भी लोक निर्माण विभाग अनजान बना बैठा है। अभी तक विभाग द्वारा पीपा पुल निर्माण की प्रक्रिया को शुरू तक नहीं कर पाना कहीं न कहीं विभागीय संलिप्तता की ओर भी इशारा कर रहा है। आए दिन ओवरलोड स्टीमरों को आवागमन करते देख लगता है विभागीय अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि सिकंदरपुर तहसील अंतर्गत खरीद और बिहार राज्य के दरौली को जोड़ने वाले एक मात्र पीपा पुल का निर्माण नहीं होने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। जबकि दोनों तरफ से हर रोज सैकड़ो लोगों का आना जाना रहता है। पुल के अभाव में लोगों को मजबूरन इन ओवरलोड स्टीमरों से जान जोखिम में डाल कर सरयू नदी को पार करना पड़ता है। यही नहीं इस जोखिम भरे सफर के लिए लोगों को भारी भरकम किराया भी चुकाना पड़ रहा है। स्टीमर संचालक कब किराए के नाम पर जेब ढीली कर दें इसका कोई भरोसा नहीं है। विडंबना यह है की संचालित किए जा रहे इन स्टीमरों की जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी नहीं है। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा यह एक यक्ष प्रश्न है।
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पीपा पुल अब तक क्यों नही चालू किया गया। इस बारे में विभाग से बात की जाएगी। बगैर अनुमति संचालित किए जाने वाले स्टीमरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रवि कुमार,एसडीएम, सिकंदरपुर।
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वहीं सब कुछ जानकर भी लोक निर्माण विभाग अनजान बना बैठा है। अभी तक विभाग द्वारा पीपा पुल निर्माण की प्रक्रिया को शुरू तक नहीं कर पाना कहीं न कहीं विभागीय संलिप्तता की ओर भी इशारा कर रहा है। आए दिन ओवरलोड स्टीमरों को आवागमन करते देख लगता है विभागीय अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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बता दें कि सिकंदरपुर तहसील अंतर्गत खरीद और बिहार राज्य के दरौली को जोड़ने वाले एक मात्र पीपा पुल का निर्माण नहीं होने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। जबकि दोनों तरफ से हर रोज सैकड़ो लोगों का आना जाना रहता है। पुल के अभाव में लोगों को मजबूरन इन ओवरलोड स्टीमरों से जान जोखिम में डाल कर सरयू नदी को पार करना पड़ता है। यही नहीं इस जोखिम भरे सफर के लिए लोगों को भारी भरकम किराया भी चुकाना पड़ रहा है। स्टीमर संचालक कब किराए के नाम पर जेब ढीली कर दें इसका कोई भरोसा नहीं है। विडंबना यह है की संचालित किए जा रहे इन स्टीमरों की जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी नहीं है। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा यह एक यक्ष प्रश्न है।
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पीपा पुल अब तक क्यों नही चालू किया गया। इस बारे में विभाग से बात की जाएगी। बगैर अनुमति संचालित किए जाने वाले स्टीमरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रवि कुमार,एसडीएम, सिकंदरपुर।