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करोड़ों का तैयार मार्केट हो रहा यूं ही बर्बाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:27 AM IST
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करोड़ों का तैयार मार्केट हो रहा यूं ही बर्बाद
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वर्षों पहले नगर के मध्य स्थित शास्त्रीनगर में करोड़ों के प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई तो व्यापारियों के मन में आस जगी थी कि इस मार्केट से उन्हें व्यापार में तो सुविधा होगी ही लोगों को भी सहूलियत होगी। लेकिन उनके ये अरमान कब पूरे होंगे कहा नहीं जा सकता है। वजह वर्षों पूर्व बना लोहिया मार्केट रखरखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है।
इसे पाने की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारियों का तो यहां तक कहना है कि प्रशासन इन दूकानों को इसी हाल में ही हमें एलॉट कर दें बाकी का काम हम खुद अपने खर्चे पर करवा लेंगे।चार जून 2005 को तत्कालीन एवं वर्तमान नगर विकास मंत्री मुहम्मद आजम खां, तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री नारद राय, तत्कालीन राजस्वमंत्री अंबिका चौधरी के साथ ही राज्यसभा सांसद जनेश्वर मिश्र की उपस्थिति में लोहिया मार्केट का शिलान्यास हुआ था।
नगर के शास्त्रीनगर में करीब पांच एकड़ जमीन पर बनने वाले इस मार्केट के निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग से जुड़ी संस्था सी एंड डीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग सर्विसेज) को मिली। आठ करोड़ 80 लाख रुपये से बनने वाले इस मार्केट का काम बसपा शासन में धन के अभाव में धीमा पड़ गया। वर्तमान में हालत यह है कि मार्केट का 90 फीसदी हिस्सा बन चुका है।
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लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के कारण अब तक इसका आवंटन नहीं किया जा सका। जबकि यहां दूकानों का आवंटन शुरू कराने के लिए बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन कई बार जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों से मिलने के अलावा मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं। दवा कारोबारियों का कहना है कि यदि इस मार्केट में दवा कारोबारियों को दूकानें बुक कर दी जाती है,
तो उन्हें मानक के अनुसार दूकान होने के कारण विभागीय अधिकारियों के शोषण से मुक्ति मिल जाएगी। डीएम सहित जनप्रतिनिधियों ने दवा कारोबारियों को दूकान आवंटन का आश्वासन भी दिया। लेकिन आज तक दूकान का आवंटन नहीं हो सका। बावजूद अभी दवा कारोबारियों के साथ ही अन्य कारोबारियों को उम्मीद है कि जल्द ही लोहिया मार्केट के दूकानों को आवंटित किया जाएगा।
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इसे पाने की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारियों का तो यहां तक कहना है कि प्रशासन इन दूकानों को इसी हाल में ही हमें एलॉट कर दें बाकी का काम हम खुद अपने खर्चे पर करवा लेंगे।चार जून 2005 को तत्कालीन एवं वर्तमान नगर विकास मंत्री मुहम्मद आजम खां, तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री नारद राय, तत्कालीन राजस्वमंत्री अंबिका चौधरी के साथ ही राज्यसभा सांसद जनेश्वर मिश्र की उपस्थिति में लोहिया मार्केट का शिलान्यास हुआ था।
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नगर के शास्त्रीनगर में करीब पांच एकड़ जमीन पर बनने वाले इस मार्केट के निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग से जुड़ी संस्था सी एंड डीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग सर्विसेज) को मिली। आठ करोड़ 80 लाख रुपये से बनने वाले इस मार्केट का काम बसपा शासन में धन के अभाव में धीमा पड़ गया। वर्तमान में हालत यह है कि मार्केट का 90 फीसदी हिस्सा बन चुका है।
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लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के कारण अब तक इसका आवंटन नहीं किया जा सका। जबकि यहां दूकानों का आवंटन शुरू कराने के लिए बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन कई बार जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों से मिलने के अलावा मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं। दवा कारोबारियों का कहना है कि यदि इस मार्केट में दवा कारोबारियों को दूकानें बुक कर दी जाती है,
तो उन्हें मानक के अनुसार दूकान होने के कारण विभागीय अधिकारियों के शोषण से मुक्ति मिल जाएगी। डीएम सहित जनप्रतिनिधियों ने दवा कारोबारियों को दूकान आवंटन का आश्वासन भी दिया। लेकिन आज तक दूकान का आवंटन नहीं हो सका। बावजूद अभी दवा कारोबारियों के साथ ही अन्य कारोबारियों को उम्मीद है कि जल्द ही लोहिया मार्केट के दूकानों को आवंटित किया जाएगा।