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प्रदेश सरकार किसानों की नहीं कर रही मदद : उपेंद्र तिवारी
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 17 Apr 2015 11:19 PM IST
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भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनपद के किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। फिर भी सरकार किसानों की मदद नहीं कर रही है। सब कुछ जानने बाद भी काबीना मंत्री भी किसानों को लाभ दिलाने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। हालत यह है कि किसानों का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया है।
किसानों की मौत को स्वाभाविक मौत बता उनकी मदद नहीं करना चाह रहा है। विधायक उपेंद्र तिवारी शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदन शून्य हो चुकी है। किसानों को आपदा राहत कोष से एक भी पैसा नहीं मिल पा रहा है।
जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 50 फीसदी की जगह 33 फीसदी नुकसान वाले किसानों को भी मुआवजा देने क ी बात कहीं है। राजस्व विभाग के कर्मचारी किसानों से पैसे वसूल रहे है। इसके बावजूद 15 से 20 फीसदी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। सिकंदरपुर और बांसडीह तहसील में किसानों के 15 से 20 फीसदी, बेल्थरा में 17 फीसदी का आकलन किया जाना हास्यास्पद है।
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जिले में तीन-तीन कैबिनेट मंत्री है लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। मंत्रियों ने आपदा के बाद अधिकारियों की बैठक कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अब तक उनके पास कोई भी रिपोर्ट नहीं है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान और गरीब विरोधी है।
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किसानों की मौत को स्वाभाविक मौत बता उनकी मदद नहीं करना चाह रहा है। विधायक उपेंद्र तिवारी शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदन शून्य हो चुकी है। किसानों को आपदा राहत कोष से एक भी पैसा नहीं मिल पा रहा है।
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जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 50 फीसदी की जगह 33 फीसदी नुकसान वाले किसानों को भी मुआवजा देने क ी बात कहीं है। राजस्व विभाग के कर्मचारी किसानों से पैसे वसूल रहे है। इसके बावजूद 15 से 20 फीसदी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। सिकंदरपुर और बांसडीह तहसील में किसानों के 15 से 20 फीसदी, बेल्थरा में 17 फीसदी का आकलन किया जाना हास्यास्पद है।
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जिले में तीन-तीन कैबिनेट मंत्री है लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। मंत्रियों ने आपदा के बाद अधिकारियों की बैठक कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अब तक उनके पास कोई भी रिपोर्ट नहीं है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान और गरीब विरोधी है।