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धरातल पर नहीं उतर पा रहा गड्ढामुक्त सड़क का अभियान
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बलिया। जिले में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान अभी तक धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। अधिकतर सड़कों पर वर्षों पहले के बने गड्ढे ज्यों के त्यों हैं। राजमार्ग हो या ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें, अभी भी इस गड्ढामुक्त अभियान को मुंह चिढ़ा रही हैं। बताया जाता है कि विभाग कागजी कोरम कर खानापूर्ति में जुटा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विभाग ने 10 दिनों में 15 फीसदी कार्य पूरा करने का दावा किया था जबकि मौके पर कहीं भी कुछ नहीं दिखता। हालांकि अधिकारियों का दावा है लगातार बारिश के कारण अभियान रुका है।
शासन की ओर से राजमार्ग व ग्रामीण इलाके की सड़कों को 15 सितंबर से अभियान चलाकर गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सड़कों के निर्माण से जुड़े तीन विभागों ने गड्ढामुक्त सड़कों को चिह्नित किया। पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड ने 234.030 किमी लंबाई की कुल 84 सड़कों को चिह्नित किया। इसके अलावा, लोकनिर्माण विभाग के निर्माण खंड की ओर से कुल 68.650 किमी की 49 और आरईएस की ओर से भी 5.80 किमी लंबाई की तीन गड्ढायुक्त सड़कों को चिह्नित किया गया। लेकिन करीब तीन सप्ताह बाद भी यह अभियान कहीं भी धरातल पर देखने को नहीं मिल रहा है। आज भी राजमार्ग हो या ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें, सभी बदहाल स्थिति में हैं और इन मार्गों पर चलना जोखिम भरा काम है।
अधिकांश सड़कों पर अभी भी गड्ढे जस के तस
बैरिया। तहसील क्षेत्र में दर्जनभर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान अभी तक धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। अधिकांश सड़कों पर वर्षों पहले के बने गड्ढे ज्यों का त्यों हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग कागजी कोरम कर खानापूर्ति में जुटा है। श्रीकांतपुर-दुर्जनपुर होते हुए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन तक दर्जनों गांव के सैकड़ों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। यही नहीं टेंपो से लेकर बड़े वाहनों तक का हर रोज आवगमन इस सडव्क से होता है। कारण की श्रीनगर, दलछपरा, हनुमानगंज, देवपुरमठिया, दुर्जनपुर, नारायणगढ़, हेमन्तपुर, गंगापुर, सुरेमनपुर आदि गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन, रानीगंज बाजार व तहसील मुख्यालय जाने का एक मात्र सड़क मार्ग है। काफी हो हल्ला के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा चार-पांच दिनों से सुरेमनपुर स्टेशन-दुर्जनपुर सड़क मार्ग पर बने गड्ढों में गिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों का का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग गड्ढों में जैसे-तैसे गिट्टी डालकर खानापूर्ति करने में लगा है। सिर्फ गिट्टी डालने मात्र से सड़क का मरम्मत मुक्कमल नहीं होगा, जब तक कि इस सड़क मार्ग की आरसीसी कर निर्माण न किया जाए। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए फिलहाल गड्ढों में गिट्टी भरवाने का कार्य कराया जा रहा है। आरसीसी ढलाई के लिए शासन को प्राक्कलन भेजा जाएगा स्वीकृति मिलने पर आरसीसी भी करा दिया जाएगा।
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कोई भी सड़क नहीं हो सकी है गड्ढामुक्त
चौकिया मोड़। क्षेत्र की अधिकतर सड़कों का हाल बदहाल है। गढ्डा मुक्त सड़क का दावा खोखला साबित हो रहा है। सरकार का साढ़े चार साल के कार्यकाल में कई बार गड्ढामुक्त करने का अभियान चला लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं। इन सड़कों पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है। यहां तक कि सड़कों की दशा खराब होने के कारण सड़क हादसे में कई अपनी जान भी गंवा चुके हैं। क्षेत्र के सीयर-सोनाडीह मार्ग, कुंडैल ढाला-बासपार बहोरवा मार्ग, अखोप चट्टी-बेल्थरा रोड नहर मार्ग, उभाव-मझौवा, बेल्थरा रोड-चकिया मार्ग, सीयर-बिठुआ मार्ग, हल्दीरामपुर चट्टी से धरहरा बहुताचक उपाध्याय-चंदाडीह मार्ग, हल्दीरामपुर (नरला) करनी-जमुआव नहर मार्ग, फरसाटार-करनी मार्ग, चंदाडीह-किशोरगंज मार्ग की दशा आज भी जर्जर है। उधर, चौकिया मोड़ से बेल्थरारोड नगर होते हुए देवेंद्र डिग्री कॉलेज तक 4.225 किमी मुख्य सड़क मार्ग लगभग आठ माह का समय पूरा होने के बावजूद अभी भी निर्माणाधीन है।
गड्ढायुक्त सड़कों को चिह्नित कर लिया गया है। कार्य शुरू होने के बाद से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कार्य कराना संभव नहीं हो पा रहा है। पूरी प्लानिंग तैयार है। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम किया जाएगा। - सीपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, बलिया वृत्त, लोनिवि
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शासन की ओर से राजमार्ग व ग्रामीण इलाके की सड़कों को 15 सितंबर से अभियान चलाकर गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सड़कों के निर्माण से जुड़े तीन विभागों ने गड्ढामुक्त सड़कों को चिह्नित किया। पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड ने 234.030 किमी लंबाई की कुल 84 सड़कों को चिह्नित किया। इसके अलावा, लोकनिर्माण विभाग के निर्माण खंड की ओर से कुल 68.650 किमी की 49 और आरईएस की ओर से भी 5.80 किमी लंबाई की तीन गड्ढायुक्त सड़कों को चिह्नित किया गया। लेकिन करीब तीन सप्ताह बाद भी यह अभियान कहीं भी धरातल पर देखने को नहीं मिल रहा है। आज भी राजमार्ग हो या ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें, सभी बदहाल स्थिति में हैं और इन मार्गों पर चलना जोखिम भरा काम है।
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अधिकांश सड़कों पर अभी भी गड्ढे जस के तस
बैरिया। तहसील क्षेत्र में दर्जनभर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान अभी तक धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। अधिकांश सड़कों पर वर्षों पहले के बने गड्ढे ज्यों का त्यों हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग कागजी कोरम कर खानापूर्ति में जुटा है। श्रीकांतपुर-दुर्जनपुर होते हुए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन तक दर्जनों गांव के सैकड़ों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। यही नहीं टेंपो से लेकर बड़े वाहनों तक का हर रोज आवगमन इस सडव्क से होता है। कारण की श्रीनगर, दलछपरा, हनुमानगंज, देवपुरमठिया, दुर्जनपुर, नारायणगढ़, हेमन्तपुर, गंगापुर, सुरेमनपुर आदि गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन, रानीगंज बाजार व तहसील मुख्यालय जाने का एक मात्र सड़क मार्ग है। काफी हो हल्ला के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा चार-पांच दिनों से सुरेमनपुर स्टेशन-दुर्जनपुर सड़क मार्ग पर बने गड्ढों में गिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों का का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग गड्ढों में जैसे-तैसे गिट्टी डालकर खानापूर्ति करने में लगा है। सिर्फ गिट्टी डालने मात्र से सड़क का मरम्मत मुक्कमल नहीं होगा, जब तक कि इस सड़क मार्ग की आरसीसी कर निर्माण न किया जाए। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए फिलहाल गड्ढों में गिट्टी भरवाने का कार्य कराया जा रहा है। आरसीसी ढलाई के लिए शासन को प्राक्कलन भेजा जाएगा स्वीकृति मिलने पर आरसीसी भी करा दिया जाएगा।
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कोई भी सड़क नहीं हो सकी है गड्ढामुक्त
चौकिया मोड़। क्षेत्र की अधिकतर सड़कों का हाल बदहाल है। गढ्डा मुक्त सड़क का दावा खोखला साबित हो रहा है। सरकार का साढ़े चार साल के कार्यकाल में कई बार गड्ढामुक्त करने का अभियान चला लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं। इन सड़कों पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है। यहां तक कि सड़कों की दशा खराब होने के कारण सड़क हादसे में कई अपनी जान भी गंवा चुके हैं। क्षेत्र के सीयर-सोनाडीह मार्ग, कुंडैल ढाला-बासपार बहोरवा मार्ग, अखोप चट्टी-बेल्थरा रोड नहर मार्ग, उभाव-मझौवा, बेल्थरा रोड-चकिया मार्ग, सीयर-बिठुआ मार्ग, हल्दीरामपुर चट्टी से धरहरा बहुताचक उपाध्याय-चंदाडीह मार्ग, हल्दीरामपुर (नरला) करनी-जमुआव नहर मार्ग, फरसाटार-करनी मार्ग, चंदाडीह-किशोरगंज मार्ग की दशा आज भी जर्जर है। उधर, चौकिया मोड़ से बेल्थरारोड नगर होते हुए देवेंद्र डिग्री कॉलेज तक 4.225 किमी मुख्य सड़क मार्ग लगभग आठ माह का समय पूरा होने के बावजूद अभी भी निर्माणाधीन है।
गड्ढायुक्त सड़कों को चिह्नित कर लिया गया है। कार्य शुरू होने के बाद से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कार्य कराना संभव नहीं हो पा रहा है। पूरी प्लानिंग तैयार है। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम किया जाएगा। - सीपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, बलिया वृत्त, लोनिवि