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Ballia News: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को गंगा की कटान से बचाने के लिए माल्देपुर में बनेंगे छह स्पर
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे।संवाद
बलिया। गाजीपुर से मांझीघाट तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को गंगा नदी की कटान से बचाने के लिए गांव माल्देपुर में कटानरोधी कार्य अब तेजी से होंगे। यहां पर छह स्पर बनाए जाएंगे।
इसके लिए एनएचएआई किसानों से 10 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा। वहीं, नदी की गहराई में करीब 18 मीटर तक बोल्डर और बोरियां डालकर धारा को नियंत्रित करने और एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ने से रोकने का काम किया गया था।
करीब 125 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत गंगा नदी की धारा को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से दूर रखने के लिए 1200 मीटर लंबाई में ठोकर और कटर बनाए जाएंगे। इसके लिए लगभग 200 मीटर के अंतराल पर छह स्पर बनाए जाने हैं।
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साथ ही, एप्रन और पिचिंग के भी कार्य कराए जाएंगे। इस कार्य के लिए करीब 10 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद नदी तट के काश्तकारों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भूमि उपलब्ध होते ही सेतु निगम की ओर से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान गंगा की कटान ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से महज 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गई थी। ऐसे में यह परियोजना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनएचएआई ने मई 2026 में परियोजना के लिए सेतु निगम गोरखपुर को धनराशि आवंटित की थी। कटानरोधी कार्य मई 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्पर बनने से आसपास के किसानों काे भी बाढ़ सुरक्षा मिलेगा। किसान मोहन ठाकुर ने कहा कि स्पर बना तो आसपास कटान कम होगी।
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इसके लिए एनएचएआई किसानों से 10 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा। वहीं, नदी की गहराई में करीब 18 मीटर तक बोल्डर और बोरियां डालकर धारा को नियंत्रित करने और एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ने से रोकने का काम किया गया था।
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करीब 125 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत गंगा नदी की धारा को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से दूर रखने के लिए 1200 मीटर लंबाई में ठोकर और कटर बनाए जाएंगे। इसके लिए लगभग 200 मीटर के अंतराल पर छह स्पर बनाए जाने हैं।
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साथ ही, एप्रन और पिचिंग के भी कार्य कराए जाएंगे। इस कार्य के लिए करीब 10 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद नदी तट के काश्तकारों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भूमि उपलब्ध होते ही सेतु निगम की ओर से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान गंगा की कटान ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से महज 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गई थी। ऐसे में यह परियोजना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनएचएआई ने मई 2026 में परियोजना के लिए सेतु निगम गोरखपुर को धनराशि आवंटित की थी। कटानरोधी कार्य मई 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्पर बनने से आसपास के किसानों काे भी बाढ़ सुरक्षा मिलेगा। किसान मोहन ठाकुर ने कहा कि स्पर बना तो आसपास कटान कम होगी।