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Ballia News: एक महीने में छह निजी अस्पताल सील, विराेध में 45 नर्सिंग होम में हड़ताल रही
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निजी नर्सिंग होम पर हो रही कार्रवाई के विरोध में प्रभारी सीएमओ को पत्रक सौंपते चिकित्सक संगठन क
बलिया। अपूर्वा अस्पताल को सील होने के खिलाफ आईएमए व बलिया नर्सिंग होम एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले चिकित्सक एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। उन्होंने अपने-अपने नर्सिंग होम 24 घंटे तक बंद रखे। हालांकि विरोध एक महीने में छह अस्पतालों को सील करने का भी है।
निजी अस्पताल बंद होने से मरीजों को परेशानी हुई, कई मरीजों की हालत गंभीर होने के बावजूद चिकित्सक व कर्मचारियों ने भर्ती नहीं किया। कई गंभीर मरीज वाराणसी व मऊ इलाज के लिए चले गए। इसके कारण अन्य दिनों की तुलना में जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के चिकित्सक अलर्ट रहे, ओपीडी से लगायत इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही।
बेरुआरबारी निवासी विमला देवी को सांस लेने की परेशानी पर बांसडीह रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचीं, लेकिन बंद होने के कारण इमरजेंसी में पहुंची, जहां चिकित्सक ने इलाज के बाद राहत मिलने पर छुट्टी कर दी।
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जीराबस्ती निवासी विनय तिवारी की चाची रूटीन जांच के लिए शहर के एक निजी अस्पताल पहुंची, लेकिन बंद होने से घर लौट गई। जलालपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर रोजाना मरीजों की भारी भीड़ रहती है, सुबह में नंबर लगाने पहुंचे तीमारदारों को निराश होकर लौटना पड़ा।
तीखमपुर निवासी संगीता देवी ने कहा कि बहू को रूटीन चेकिंग के लिए ले आई थी, चिकित्सक हड़ताल पर होने से अस्पताल बंद है। कल आकर चेक कराऊंगी, ज्यादा परेशानी होने महिला अस्पताल लेकर जाऊंगी।
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निजी अस्पताल बंद होने से मरीजों को परेशानी हुई, कई मरीजों की हालत गंभीर होने के बावजूद चिकित्सक व कर्मचारियों ने भर्ती नहीं किया। कई गंभीर मरीज वाराणसी व मऊ इलाज के लिए चले गए। इसके कारण अन्य दिनों की तुलना में जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के चिकित्सक अलर्ट रहे, ओपीडी से लगायत इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही।
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बेरुआरबारी निवासी विमला देवी को सांस लेने की परेशानी पर बांसडीह रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचीं, लेकिन बंद होने के कारण इमरजेंसी में पहुंची, जहां चिकित्सक ने इलाज के बाद राहत मिलने पर छुट्टी कर दी।
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जीराबस्ती निवासी विनय तिवारी की चाची रूटीन जांच के लिए शहर के एक निजी अस्पताल पहुंची, लेकिन बंद होने से घर लौट गई। जलालपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर रोजाना मरीजों की भारी भीड़ रहती है, सुबह में नंबर लगाने पहुंचे तीमारदारों को निराश होकर लौटना पड़ा।
तीखमपुर निवासी संगीता देवी ने कहा कि बहू को रूटीन चेकिंग के लिए ले आई थी, चिकित्सक हड़ताल पर होने से अस्पताल बंद है। कल आकर चेक कराऊंगी, ज्यादा परेशानी होने महिला अस्पताल लेकर जाऊंगी।