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Ballia News: शहीद होने की सूचना पर राजपुर में सन्नाटा
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हल्दी। थाना क्षेत्र के राजपुर एकौना गांव निवासी असिस्टेंट प्लाटून कमांडर बीजापुर में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईडी बम की चपेट में आकर शहीद हो गए। सूचना गांव पहुंचते ही सन्नाटा छा गया। परिजनों का रोते- रोते बुरा हाल है।
हल्दी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी सीएएफ (छत्तीसगढ़ आर्मड फोर्स) में असिस्टेंट प्लाटून कमांडर के पद पर तैनात विजय कुमार यादव (55) पुत्र स्व. ऋषिदेव यादव की तैनाती बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में एटेपाल कैंप पर थी। वह अपने कैंप से एक किलोमीटर दूर स्थित टेकरी पर ड्यूटी पर थे।
इस दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए बम की चपेट में आने से शहीद हो गए। चार भाइयों में पारस नाथ यादव सबसे बड़े हैं जो मध्यप्रदेश पुलिस में थे। दूसरे नंबर पर विजय यादव थे। तीसरे भाई हृदयानंद यादव सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। चौथे भाई तुफनी यादव गांव पर खेती कराते है।
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विजय यादव की पत्नी सरस्वती देवी वहीं उनके साथ ही रहती थीं। उनकी एक बेटी खुशबू है, जिसकी शादी हो गई है। गांव के लोग काफी दुखी हैं। सभी के मुख से एक ही बात निकल रही है कि बुत अच्छे इंसान थे। गांव के चिकित्सक रविन्द्र यादव ने बताया कि काफी सुलझे हुए थे। उनकी शहादत से पूरा क्षेत्र गमगीन है।
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हल्दी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी सीएएफ (छत्तीसगढ़ आर्मड फोर्स) में असिस्टेंट प्लाटून कमांडर के पद पर तैनात विजय कुमार यादव (55) पुत्र स्व. ऋषिदेव यादव की तैनाती बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में एटेपाल कैंप पर थी। वह अपने कैंप से एक किलोमीटर दूर स्थित टेकरी पर ड्यूटी पर थे।
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इस दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए बम की चपेट में आने से शहीद हो गए। चार भाइयों में पारस नाथ यादव सबसे बड़े हैं जो मध्यप्रदेश पुलिस में थे। दूसरे नंबर पर विजय यादव थे। तीसरे भाई हृदयानंद यादव सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। चौथे भाई तुफनी यादव गांव पर खेती कराते है।
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विजय यादव की पत्नी सरस्वती देवी वहीं उनके साथ ही रहती थीं। उनकी एक बेटी खुशबू है, जिसकी शादी हो गई है। गांव के लोग काफी दुखी हैं। सभी के मुख से एक ही बात निकल रही है कि बुत अच्छे इंसान थे। गांव के चिकित्सक रविन्द्र यादव ने बताया कि काफी सुलझे हुए थे। उनकी शहादत से पूरा क्षेत्र गमगीन है।