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वेतन के लिए आशाओं का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:23 PM IST
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सात सूत्रीय मांगों को लेकर जिला आशा संघ के तत्वाधान में गुरुवार को आशाबहुओं व संगिनियों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। आशाओं ने विभिन्न देयकों के भुगतान की मांग की। धरनास्थल पर पहुंचे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजनाथ व डॉ. संजय सिंह के आश्वासन पर धरना स्थगित हुआ।
आशा संघ की जिलाध्यक्ष पूनम पांडेय ने कहा कि सभी सीएचसी व पीएचसी पर कार्यरत आशाबहुओं व आशा संगनियों के वर्ष 2016-17 के शासन से निर्धारित संसाधन व आर्थिक भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि आशा बहुओं को निश्चित वेतन प्रतिमाह नहीं मिलता है, ऐसे में एक समान नियम लागू कर भुगतान किया जाए। कहा कि आशा संगनियों के लिए निर्धारित प्रतिमाह 5450 रुपये का भुगतान भी वर्ष 2016-17 का नहीं किया गया है, इसे किया जाए और दो बच्चों पर नसबंदी कराने वाली प्रेरकों को भी एक हजार का भुगतान किया जाए। कहा कि जिले में करीब तीन हजार आशाबहुएं कार्यरत हैं लेकिन वित्तीय साल बीतने को है, इसके बावजूद उन्हें किसी भी महीने का आर्थिक भुगतान नहीं किया गया है। आशाबहुओं ने कहा कि वर्ष 2009-10 से लेकर वर्ष 2016-17 तक नसबंदी एवं जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है, इसका भुगतान कराया जाए। आशाबहुओं व आशा संगिनियों नियुक्ति पत्र देने व हर महीने 15 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित करने, कें द्रीय कर्मचारी का दर्जा देने, पल्स पोलियो की पारिश्रमिक प्रतिदिन 75 रुपये बढ़ाकर 300 करने की मांग की। इसके अलावा आशाबहुओं ने सभी सरकारी प्रसव स्थलों व नसबंदी केन्द्रों पर लाभार्थी व आशाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान शासनादेश के अनुसार 48 घंटे के अंदर करने आदि की मांग की। इस मौके पर अनिता राय, शोभा गिरि, मंजू राय, रागिनी सिंह, प्रेम कुमारी, उर्मिला देवी, रेनू राय, माया देवी आदि थीं।
आशा संघ की जिलाध्यक्ष पूनम पांडेय ने कहा कि सभी सीएचसी व पीएचसी पर कार्यरत आशाबहुओं व आशा संगनियों के वर्ष 2016-17 के शासन से निर्धारित संसाधन व आर्थिक भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि आशा बहुओं को निश्चित वेतन प्रतिमाह नहीं मिलता है, ऐसे में एक समान नियम लागू कर भुगतान किया जाए। कहा कि आशा संगनियों के लिए निर्धारित प्रतिमाह 5450 रुपये का भुगतान भी वर्ष 2016-17 का नहीं किया गया है, इसे किया जाए और दो बच्चों पर नसबंदी कराने वाली प्रेरकों को भी एक हजार का भुगतान किया जाए। कहा कि जिले में करीब तीन हजार आशाबहुएं कार्यरत हैं लेकिन वित्तीय साल बीतने को है, इसके बावजूद उन्हें किसी भी महीने का आर्थिक भुगतान नहीं किया गया है। आशाबहुओं ने कहा कि वर्ष 2009-10 से लेकर वर्ष 2016-17 तक नसबंदी एवं जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है, इसका भुगतान कराया जाए। आशाबहुओं व आशा संगिनियों नियुक्ति पत्र देने व हर महीने 15 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित करने, कें द्रीय कर्मचारी का दर्जा देने, पल्स पोलियो की पारिश्रमिक प्रतिदिन 75 रुपये बढ़ाकर 300 करने की मांग की। इसके अलावा आशाबहुओं ने सभी सरकारी प्रसव स्थलों व नसबंदी केन्द्रों पर लाभार्थी व आशाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान शासनादेश के अनुसार 48 घंटे के अंदर करने आदि की मांग की। इस मौके पर अनिता राय, शोभा गिरि, मंजू राय, रागिनी सिंह, प्रेम कुमारी, उर्मिला देवी, रेनू राय, माया देवी आदि थीं।
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