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एक साल बाद खुले स्कूल, बच्चे दिखे खुश

Mon, 01 Mar 2021 09:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Mar 2021 09:46 PM IST
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Schools open after one year, children appear happy
बलिया। कोरोना संक्रमण के चलते एक वर्ष बाद खुले प्राथमिक विद्यालयों को दुल्हन की तरह सजाया गया था जिससे स्कूलों में चहल-पहल लौटी। एक साल स्कूल पहुंचे बच्चों में भी काफी खुशी रही। वह अपने सहपाठियों से मिले और पढ़ाई के संग मौज मस्ती भी की। बैरिया के प्राथमिक विद्यालय शिवरहिया पीएसी के कब्जे में रहा तो कुछ प्राथमिक विद्यालयों में कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। सोमवार को जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो फूल गुब्बारों से सजा हुआ विद्यालय मिला, विद्यालय के गेट पर खड़े होकर शिक्षकों ने बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की, साबुन से हाथ धुलवाए उसके बाद सैनिटाइजर लगवाए।
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वहीं कुछ विद्यालयों में कोई खास व्यवस्था नहीं मिली, बच्चे आकर एक ही कमरे में चुपचाप बैठे हुए थे। सबसे अच्छी व्यवस्था उच्च प्राथमिक विद्यालय तालिबपुर की मिली जहां शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील सिंह की देखरेख में कोरोना से बचने की सावधानियों को पूरी तरह से पालन करते देखा गया। वही प्राथमिक विद्यालय रानीगंज में ओपनिंग सेरेमनी मनाई गई। अधिकांश विद्यालयों पर शिक्षकों ने बच्चों का मुह मीठा करवाया और कोरोना से बचने के लिए नियमों को बताया। प्राथमिक विद्यालय रानीगंज, प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर, प्राथमिक विद्यालय चकिया पूर्वी, प्राथमिक विद्यालय मिश्र गिरी के मठिया, प्राथमिक विद्यालय मिश्र के हाता, प्राथमिक विद्यालय मिश्र के मठिया सहित अधिकांश विद्यालयों के शिक्षकों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बच्चों के प्रति विशेष प्यार व अनुराग दिखाया। बच्चें भी बंदिशों के बावजूद शिक्षकों का चरण स्पर्श करते देखे गए।
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उधर, प्राथमिक विद्यालय शिवरहिया के भवन पर पीएसी का कब्जा होने के कारण वहां बच्चों की पढ़ाई नही हो सकी। प्रधानाध्यापक द्वारा बीएसए को सूचना देने के बावजूद विद्यालय भवन को खाली नहीं कराया गया। बता दें कि दुर्जनपुर गोली कांड के बाद दुर्जनपुर में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पीएसी के जवान दुर्जनपुर में पिछले चार महीनों से तैनात हैं। पीएसी के जवानों ने प्राथमिक विद्यालय शिवरहिया के भवन को अपना आशियाना बनाया है। प्रधानाध्यापक हरेन्द्र वर्मा के आग्रह पर पीएसी वालों ने विद्यालय का एक कमरा मेंबच्चों को बैठने की अनुमति देते हुए अपना विस्तर व हथियार उसमें से निकाल लिए तब 11 बजे एक कमरे में बच्चे बैठे। हालांकि उस कमरे में सभी बच्चे बैठ नहीं पाए तो बरामदे में जहां पीएसी का समान रखा गया है वहीं किसी तरह बच्चे बैठे, इसलिए अफरा तफरी की स्थिति बनी रही।
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बेल्थरारोड। कोरोना काल के बाद पहली बार प्राथमिक विद्यालयों के खुलने से चहल-पहल रही। करीब एक साल के अंतराल पर विद्यालय खुलने से बच्चों में खासा उत्साह रहा। हालांकि विद्यालयों में बच्चों की संख्या नामांकन के सापेक्ष कम रही, फिर भी बच्चों में उत्साह भरपूर रहा। विद्यालयों पर बच्चों को सैनिटाइजर से हाथ धुलवा कर कक्षा में प्रवेश कराया गया। इसके पूर्व विद्यालयों का रंग रोगन कर सजाया गया। चैनपुर गुलौरा के प्राथमिक विद्यालय पर बच्चे गुब्बारे के साथ खेलते नजर आए। बहुत दिनों के बाद सहपाठी को अपने बीच पाकर बच्चे प्रफुल्लित रहे।
रतसर। शासन के निर्देश पर आज खुले प्राथमिक विद्यालयों में खासा चहल पहल देखने को मिला। स्कूल आने वाले बच्चों के चेहरों पर रौनक रहा । करीब सालभर बाद स्कूल आकर सभी बच्चे बहुत खुश दिखे । कस्बा के प्राथमिक विद्यालय नंबर -3 (अंग्रेजी माध्यम ) व कंपोजिट विद्यालय में बच्चों की बड़ी उपस्थिति रही। नियमानुसार आज कक्षा एक और कक्षा 8 के बच्चों को ही स्कूल आना था लेकिन स्कूल खुलने की खबर पर सभी कक्षाओं के बच्चे स्कूल पहुंचे । कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाचार्य एबरार अहमद व प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश सिंहबडे बताया कि आज पहले दिन सभी बच्चों को शासन से जारी दिशानिर्देश के हिसाब से बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया गया . साथ ही सभी मुंह मीठा कराया गया। विद्यालय नंबर तीन के बच्चों के बीच आज निवर्तमान प्रधान स्मृति सिंह ने बैग वितरण किया। इस अवसर पर जयप्रकाश सिंह , शैलेश कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, मीरा देवी, स्वेता सिंह, लोकेश पांडेय आदि रहे।
चितबड़ागांव। एक साल बाद सोमवार को नगर पंचायत व आसपास के प्राथमिक विद्यालय जरुर खुले परन्तु शिक्षा विभाग के आदेश के अनुरुप अधिकतर विद्यालय में लापरवाही दिखीं। वहीं प्राथमिक विद्यालय टाउन पर बच्चों द्वारा मां सरस्वती देवी के चित्र पर फूल चढ़ाकर उपस्थित होने के उपरांत शिक्षकों द्वारा बच्चों को फूल मालाओं से स्वागत किया गया। गुब्बारों के साथ बच्चों ने विद्यालय खुलने से काफी गदगद दिखे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सोमवार को कक्षा 1 व 5 के 50प्रतिशत छात्र व छात्राओं को बुलाया गया है तथा मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा 2 व 4 के बच्चों को बुलाया जाएगा तथा इसी तरह बुधवार व शनिवार को कक्षा 3 के बच्चों को बुलाया जाएगा। इस दौरान विद्यालय पर बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक कमलेश सिंह, अध्यापिका सुनीता यादव, अर्चना व प्रियंका गुप्ता रहीं।

हल्दी। कोरोना के चलते लगभग एक वर्ष से बंद पड़े सरकारी व प्राईवेट विद्यालय सोमवार से खुल गए। विद्यालय के खुलते ही बच्चे अपनी ड्रेस में विद्यालय में पहुंचे जहां अपने सहपाठियों व अध्यापकों से मिलकर काफी प्रसन्न दिखे। वहीं क्षेत्र के कठहीं कृपालपुर स्थित राज गुरुकुल विद्यापीठ के प्रिंसिपल निर्मल जेना ने सोमवार को विद्यालय आये बच्चों को सैनिटाइजर से हाथ धुलवा कर मॉस्क वितरित किया। इसके बाद त्र्बच्चे अपने कक्षा में जाकर पठन- पाठन किए।
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