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Ballia News: सरयू का कहर जारी, गोपालनगर में गिरे दो और मकान
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गोपालनगर में सरयू नदी का पानी रोज की अपेक्षा बुधवार को थोड़ा स्थिर दिखा। इसके बाद भी धीरे-धीरे कटान होता रहा। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के सामने दो और मकान नदी की धारा में समा गए। कटान पीड़ित जहां तहसील प्रशासन को लेकर सामान्य दिखे वहीं, बाढ़ खंड को लेकर आक्रोशित।
बुधवार को उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने राजस्व निरीक्षक शिवकुमार गुप्ता व लेखपाल राजू यादव को निरीक्षण के लिए भेजा। निरीक्षण के दौरान एक तरफ टाड़ी बस्ती के लोग अपना घर बार छोड़ा पलायन करने में व्यस्त दिखे। वहीं, कटान पीड़ित महिलाएं तहसील कर्मियों से मिलकर अन्य कटान पीड़ितों के लिए भी आवासीय पट्टे की भूमि मांगने लगी।
राजस्व निरीक्षक ने भूमिहीन होने पर पट्टे की भूमि उपलब्ध कराने की भरोसा दिया। तब तक अचानक से सरयू नदी की धारा में रामजीत पुत्र शिवाधार यादव व राजदेव उर्फ राजू पुत्र परशुराम यादव का रिहायशी मकान नदी में विलीन हो गया। नजारा देख राजस्व निरीक्षक भयभीत हो गए। हालांकि कटान पीड़ितों को उचित सहयोग का भरोसा देते रहे।
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टाड़ी बस्ती के कटान पीड़ित बाढ़ खंड के प्रति आक्रोशित थे। उनका कहना था कि बाढ़ खंड को जानकारी था कि बस्ती को बचाना मुश्किल है, लेकिन छोटी परियोजना के बल पर हमें बचाने की झूठी दिलासा देते रहे। जब हमारा मकान नदी में समाने लगा तो हमें छोड़कर भाग खड़े हुए।
अगर दीयरांचल को बचाना है तो या तो ड्रेजिंग कार्य से बचाया जाए या फिर बड़ी परियोजना लाकर बचाया जा सकता है। कटान पीड़ित बोले आवासीय पट्टा हो या फिर तिरपाल व राशन किट समय पर हमें उपलब्ध कराया गया है।
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कटान पीड़ितों का हर सम्भव मदद की जा रही है। अन्य भूमिहीन कटान पीड़ितों के लिए भी भूमि की तलाश कर पट्टे की भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। कटान रोकने के लिए जिलाधिकारी स्तर से शासन को रिपोर्ट भेजा जाएगा।
आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया
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बुधवार को उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने राजस्व निरीक्षक शिवकुमार गुप्ता व लेखपाल राजू यादव को निरीक्षण के लिए भेजा। निरीक्षण के दौरान एक तरफ टाड़ी बस्ती के लोग अपना घर बार छोड़ा पलायन करने में व्यस्त दिखे। वहीं, कटान पीड़ित महिलाएं तहसील कर्मियों से मिलकर अन्य कटान पीड़ितों के लिए भी आवासीय पट्टे की भूमि मांगने लगी।
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राजस्व निरीक्षक ने भूमिहीन होने पर पट्टे की भूमि उपलब्ध कराने की भरोसा दिया। तब तक अचानक से सरयू नदी की धारा में रामजीत पुत्र शिवाधार यादव व राजदेव उर्फ राजू पुत्र परशुराम यादव का रिहायशी मकान नदी में विलीन हो गया। नजारा देख राजस्व निरीक्षक भयभीत हो गए। हालांकि कटान पीड़ितों को उचित सहयोग का भरोसा देते रहे।
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टाड़ी बस्ती के कटान पीड़ित बाढ़ खंड के प्रति आक्रोशित थे। उनका कहना था कि बाढ़ खंड को जानकारी था कि बस्ती को बचाना मुश्किल है, लेकिन छोटी परियोजना के बल पर हमें बचाने की झूठी दिलासा देते रहे। जब हमारा मकान नदी में समाने लगा तो हमें छोड़कर भाग खड़े हुए।
अगर दीयरांचल को बचाना है तो या तो ड्रेजिंग कार्य से बचाया जाए या फिर बड़ी परियोजना लाकर बचाया जा सकता है। कटान पीड़ित बोले आवासीय पट्टा हो या फिर तिरपाल व राशन किट समय पर हमें उपलब्ध कराया गया है।
कटान पीड़ितों का हर सम्भव मदद की जा रही है। अन्य भूमिहीन कटान पीड़ितों के लिए भी भूमि की तलाश कर पट्टे की भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। कटान रोकने के लिए जिलाधिकारी स्तर से शासन को रिपोर्ट भेजा जाएगा।
आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया