बलिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने बुधवार को मंडी समिति परिखरा में मकर संक्रांति उत्सव मनाया। मुख्य अतिथि चंद्रमोहन ने भारत माता, केशवराव बलिराम हेडगेवार व माधवराव सदाशिवराव गोलवल्कर के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इसके बाद ध्वजारोहण व एकल गीत हुआ।
मुख्य अतिथि ने बताया कि समाज से छुआछूत और रूढ़ियों को समाप्त कर समरसता एवं स्वाभिमान जगाने का पर्व है मकर संक्रांति। यह पर्व अपने अंदर चेतना जगाने और भारत को पुन: परम वैभव बनाने का संकल्प लेने का है। विभिन्न जातियों में बंटे हिन्दू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। कहा कि जब तक हिन्दू समाज संगठित नहीं होगा, भारत माता के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडराते रहेंगे। कहा कि डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने समाज में जिन गुणों की आवश्यकता का अनुभव किया उन्हीं के अनुरूप उत्सवों की योजना की। प्रत्येक उत्सव किसी विशेष गुण की ओर इंगित करता है। मकर संक्रांति को ही स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। बताया कि मकर संक्रांति का उत्सव कई देशों में मनाया जाता है। कहीं इसे संक्रान्ति कहीं पोंगल के नाम से जाना जाता है। संघ प्रार्थना के पश्चात अंत में हजारों स्वयं सेवकों व समाज के व्यक्तियों ने साथ बैठकर स्वादिष्ट खिचड़ी खाकर सामाजिक समरसता का परिचय दिया। इस मौके पर बृजमोहन, महेंद्र प्रताप, ओम प्रकाश राय ने किया, सत्यमित्र, श्रेयांश, आशीष, श्रीप्रकाश, करुणेश, गिरीश नारायण, जितेंद्र मिश्र आदि रहे। अध्यक्षता डॉ. विनोद सिंह ने किया।