बैरकों में भरा बारिश का पानी: बलिया जेल 48 घंटे में खाली, 974 बंदियों को आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जेल किया गया शिफ्ट
मूसलाधार बारिश से बलिया जिला कारागार जलमग्न हो गया था। बैरकों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया था। हालत ये थी बंदियों को खड़े होकर रात गुजारनी पड़ी। शनिवार से शुरू हुई बंदियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया रविवार को भी जारी रही।
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बारिश के कारण हुए जलजमाव को देखते हुए बलिया जिला कारागार को रविवार को बंदियों से पूरी तरह खाली करा लिया गया। शनिवार से शुरू हुई बंदियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया रविवार को भी जारी रही। 48 घंटे में कुल 31 बसों, दो एंबुलेंस और एक वैन से 974 बंदियों को आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जिला जेल में शिफ्ट किया गया है।
बंदियों के स्थानांतरण को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। डीआईजी आजमगढ़ अखिलेश कुमार रविवार को भी मौके पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखते रहे। बता दें कि बृहस्पतिवार से शनिवार तक जनपद में हुई मूसलाधार बारिश से बलिया जिला कारागार जलमग्न हो गया था।
बैरकों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया था। पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालत ये थी बंदियों को खड़े होकर रात गुजारनी पड़ रही थी। हालात को देखते हुए डीजी जेल के निर्देश पर शनिवार को बंदियों को यहां से आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जिला जेल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
अधिकारियों ने ली राहत की सांस
शनिवार को 18 बसों से 591 बंदियों को भेजा गया था। शेष बंदियों ने किसी तरीके से एक रात पानी के बीच काटी। रविवार सुबह एक बार फिर बंदियों के भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। 13 बसों से 383 बंदी भेजे गए। कुल 641 बंदियों को आजमगढ़ भेजा गया है जिसमें 31 महिलाएं शामिल हैं।
वहीं, अंबेडकरनगर भेजे गए 333 बंदियों में भी 30 महिलाएं शामिल हैं। सभी बंदियों को सुरक्षित अन्य जिलों के जेलों में भेजने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान डीआईजी अखिलेश कुमार, एसपी राजकरन नय्यर, एएसपी संजय कुमार व सीओ सिटी भूषण वर्मा के साथ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
वर्ष 2019 में भी खाली कराई गई थी जेल
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मुख्य सड़क से जेल का लेवल नीचे होने के कारण यह समस्या होती है। जेल के पीछे स्थित श्रीराम विहार कॉलोनी का लेवल बहुत नीचे था। धीरे-धीरे यहां आवास बनते गए और लोग अपने मकानों का लेवल ऊंचा करते गए। जेल का लेवल नीचे होता गया । जेल के सामने से गुजर रहे नाले से अन्य कॉलोनियों व मोहल्लों का पानी निकलता है। जेल में पानी लगने का बड़ा कारण यह भी है।