बलिया। कोतवाली के बगल में संचालित शेल्टर होम में क्वारंटीन किए गए लोगों में एक महिला बच्चे के साथ भाग निकली। इसका खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को डीआईजी आजमगढ़ सुभाषचंद्र दुबे ने शेल्टर होम में निरीक्षण के दौरान पूछताछ की। उन्होंने एसपी पर नाराजगी जताई और कोतवाल को चेताया। साथ ही जल्द ही महिला को ढूंढ कर उसे क्वारंटीन कराने का निर्देश दिया। देर शाम पुलिस ने महिला को पकड़ कर शेल्टर होम में क्वारंटीन करा दिया।
जिले में कैंप कर रहे डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने शुक्रवार को कोतवाली के बगल में स्थित डूडा की ओर से संचालित शेल्टर होम (आश्रय गृह) का निरीक्षण किया। डीआईजी ने बुधवार की रात नगर व स्टेशन परिसर में निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में मिले 45 लोगों को नगर के शेल्टर होम में भेजवाया था। यहां सभी को रहने, सोने व भोजन की व्यवस्था की गई थी। शुक्रवार को एसपी संग शेल्टर होम की जांच करने डीआईजी पहुंचे। उन्होंने शेल्टर होम में रह लोगों से बातचीत की। एक व्यक्ति ने बताया कि यहां पर भर्ती होने से हमारी एचआईवी की दवा बंद हो गई है। यहां सब कुछ ठीक है, लेकिन मन नहीं लग रहा है। इसपर डीआईजी ने बताया कि सभी को 14 दिन यहीं पर रहना है। इस दौरान जब एक बच्चे संग रह रही महिला के बारे में पूछताछ की तो शेल्टर होम के संचालक ने बताया कि वह गालियां दे रही थी। इसके बाद यहां से कहीं भाग गई। डीआईजी ने एसपी से पूछा कि यहां पुलिस की ड्यूटी नहीं है क्या। यह बताने पर कि पुलिस की ड्यूटी लगी है तो उन्होंने कहा कि तो महिला कैसे भाग र्गई। डीआईजी ने कोतवाल को फटकार लगाई और जल्द महिला को पकड़ कर क्वारंटीन करने का निर्देश दिया। कहा कि अगर वह संक्रमित होगी तो कई लोगों को संक्रमित करेगी। इस मौके पर एएसपी संजय कुमार, सीओ सिटी एके सिंह, सीओ सदर चंद्रशेखर सिंह, कोतवाल विपिन सिंही, सिविल चौकी प्रभारी सूरज सिंह मौजूद रहे।