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Ballia News: पुलिस को मिली राहत, बीते दिनों अपहरण की शिकायत पर खड़े हो रहे थे सवाल, पीड़ित पहुंचा पुलिस के पास
Tue, 13 May 2025 07:41 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 13 May 2025 07:41 PM IST
सार
पिछले दिनों घर पर धावा बोलकर अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस के पास शिकायत की थी और उसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे थे। इसी बीच अचानक जिसके अपहरण की बात थी वह खुद एसपी आफिस पहुंच गया जिससे पुलिस ने राहत महसूस की। जानकारी के अनुसार अपहृत व्यक्ति चक्की मालिक है और उनका नाम अजय तिवारी है।
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जिसके अपहरण की शिकायत पहुंचा पुलिस के पास
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सुखपुरा थाना क्षेत्र के घोसवती गांव में तीन मई को दर्जनों वाहनों के साथ हमला बोलकर चक्की मालिक अजय तिवारी के अपहरण के मामले में मंगलवार को पुलिस को बड़ी राहत मिली। अपहृत चक्की मालिक स्वयं एसपी आफिस में पहुंचा और स्वयं घर से जाने की बात स्वीकार की। कथित अपहरण के इस मामले में पुलिस की पिछले 10 दिनों से काफी किरकिरी हो रही थी।
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लापरवाही और आरोपियों से साठगांठ से जैसे गंभीर आरोपों को झेलना पड़ रहा था। पिछले 10 दिनों से घोसवती गांव में राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। दबाव में एसपी को तत्कालीन थाना प्रभारी सुखपुरा रामायाण सिंह को हटाना भी पड़ा था।
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यह था मामला
घोसवती गांव में 30 अप्रैल को रामाश्रय यादव के घर बरात आई थी। बरात में शामिल दो युवक अजय तिवारी के दरवाजे पर लघुशंका करने लगे। अजय तिवारी के पुत्र मृत्युंजय तिवारी ने मना किया तो युवकों ने उसकी पिटाई कर दी थी। मृत्युंजय के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल-112 पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लिया था।
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मेडिकल मुआयना करने के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों का शांति भंग में चालान कर दिया था। मृत्युंजय तिवारी का आरोप लगाया था कि आरोपी के साथ पुलिस समझौता का दबाव बना रही थी। समझौता नहीं करने पर तीन मई की रात दर्जनों बाइक व चार पहिया वाहन से पहुंचे बदमाशों ने तांडव कर अजय तिवारी को अगवा कर लिया।
घटना को लेकर काफी आक्रोश था। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। राजनीतिक दलों का भी काफी दबाव था।
वायरल हुआ था वीडियो
एक दिन पहले अजय तिवारी का दो दिनों से क्षेत्र में दिखाई देने की चर्चाएं जोरों पर थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो गड़वार तिराहा का बताया जा रहा था। इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही थी।
मंगलवार को पुलिस लाइन में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि अपहृत अजय कुमार तिवारी की बरामदगी के लिए जगह जगह सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रानिक माध्यम से सुरागरसी की जा रही थी। 12 मई की शाम अजय कुमार तिवारी एसपी कार्यालय में स्वयं उपस्थित हुए।
बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मै स्वयं से चला गया था। अजय कुमार तिवारी ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पुत्र महामृत्युजंय तिवारी व परिजनों के साथ हुई मारपीट के काफी व्यथित थे. तीन मई रात एक-दो बजे के बीच अपनी पत्नी को बता कर घर से निकल गया था।
पैदल ही खेत के रास्ते बरवां से बलिया होते हुए गंगाजी के किनारे होता हुआ जमनिया चन्दौली बार्डर तक चला गया। 11 मई को चिंता हुई कि परिवार वाले परेशान हो रहे होंगे। इसलिए जमनिया से ट्रेन पकड़कर वापस बक्सर आया। बक्सर से आटो पकड़कर बलिया आया।
बलिया से नारायण पाली या और अपने कई परिचितों से मिला। कुछ परिचितों ने बताया कि परिजनों ने अपहरण का मुकदमा लिखवाया है। इसके बाद एसपी कार्यालय आया। एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि अजय तिवारी की सकुशल वापसी के तथ्यों का मिलान कराया जा रहा है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।