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पेट्रो उत्पाद: गंगा के मुकाबले सरयू का तटवर्ती क्षेत्र ज्यादा समृद्ध
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पंदह (बलिया)। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के लिए खोदाई जारी है। जैसे-जैसे सर्वे का कार्य आगे बढ़ रहा है सरयू नदी के आसपास 300 किमी की परिधि में क्रूड ऑयल मिलने की संभावना प्रबल होती जा रही है।
170 किमी के रेखीय रेंज में चिह्नित 2700 स्थानों में बैरिया, रेवती, मनियर, सिकंदरपुर और सीयर ब्लॉक के करीब 900 स्थान शामिल हैं। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भूगर्भीय संकेतों के आधार पर सरयू नदी परिक्षेत्र में गंगा बेसिन के सापेक्ष अधिक मात्रा में कच्चे तेल मिलने की संभावना है।
हैदराबाद की अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड की टीम जीपीएस के जरिये विभिन्न स्थानों को लगातार ट्रैक कर रही है। जहां भी तेल होने के संकेत मिल रहे हैं वहां 90 से 100 फीट गहरी बोरिंग की जा रही है। प्रत्येक 10 फीट के अंतराल पर की जा रही बोरिंग से 60 मीटर की दूरी पर जीपीएस सैटेलाइट सिस्टम लगा गया है। बोरिंग के बाद शूटर मशीन से जमीन के अंदर ब्लास्ट कर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
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क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से प्राप्त संकेत और हाइड्रोकार्बन की गंध क्षेत्र में ब्लैक गोल्ड होने की गवाही भी देने लगे हैं। 15 जून तक चलेगा कार्य: कंपनी के क्रोप इंचार्ज कलम परमार ने बताया कि जीपीएस निर्देशांक से डाटा एकत्रित किए जा रहे हैं। जिसके आधार पर भूगर्भ वैज्ञानिक क्रूड ऑयल की क्वालिटी, क्वांटिटी और स्थान विशेष की पहचान करेंगे।
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170 किमी के रेखीय रेंज में चिह्नित 2700 स्थानों में बैरिया, रेवती, मनियर, सिकंदरपुर और सीयर ब्लॉक के करीब 900 स्थान शामिल हैं। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भूगर्भीय संकेतों के आधार पर सरयू नदी परिक्षेत्र में गंगा बेसिन के सापेक्ष अधिक मात्रा में कच्चे तेल मिलने की संभावना है।
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हैदराबाद की अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड की टीम जीपीएस के जरिये विभिन्न स्थानों को लगातार ट्रैक कर रही है। जहां भी तेल होने के संकेत मिल रहे हैं वहां 90 से 100 फीट गहरी बोरिंग की जा रही है। प्रत्येक 10 फीट के अंतराल पर की जा रही बोरिंग से 60 मीटर की दूरी पर जीपीएस सैटेलाइट सिस्टम लगा गया है। बोरिंग के बाद शूटर मशीन से जमीन के अंदर ब्लास्ट कर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
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क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से प्राप्त संकेत और हाइड्रोकार्बन की गंध क्षेत्र में ब्लैक गोल्ड होने की गवाही भी देने लगे हैं। 15 जून तक चलेगा कार्य: कंपनी के क्रोप इंचार्ज कलम परमार ने बताया कि जीपीएस निर्देशांक से डाटा एकत्रित किए जा रहे हैं। जिसके आधार पर भूगर्भ वैज्ञानिक क्रूड ऑयल की क्वालिटी, क्वांटिटी और स्थान विशेष की पहचान करेंगे।